17वें प्रयास में बाबुता ने 10.3 का शॉट लगाया, जबकि मिरान ने 10.6 का शॉट लगाया। 18वें प्रयास में मिरान ने फिर 10.6 का शॉट लगाया, जबकि बाबुता ने 9.9 का शॉट लगाया। इसी के साथ कुल 230 का स्कोर लेकर बाबुता बाहर हो गए। वहीं, चीन के शेंग लिहाओ 252.2 के ओलंपिक रिकॉर्ड स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीता। वहीं, स्वीडन के विक्टर लिंडग्रेन ने 251.4 के स्कोर के साथ रजत पदक अपने नाम किया। क्रोएशिया के मारिचिच मिरान ने 230 के स्कोर के साथ कांस्य पदक जीता। वहीं, अर्जुन का फाइनल स्कोर 208.4 रहा।
अर्जुन क्वालिफिकेशन में सातवें स्थान पर रहे थे और उन्होंने आठ निशानेबाजों के फाइनल में जगह बनाई। 25 साल के बाबुता ने क्वालिफिकेशन में 105.7, 104.9, 105.5, 105.4, 104.0 और 104.6 अंक की सीरीज के साथ कुल 630.1 अंक जुटाए थे। पंजाब के रहने वाले अर्जुन को शुरुआत में निशानेबाजी के बारे में कोई जानकारी नहीं थी, लेकिन उन्होंने खेलों में रुचि जगाई। अर्जुन का खेलों के प्रति लगाव देखकर उनके पिता नीरज बाबुता ओलंपिक पदक विजेता निशानेबाज अभिनव बिंद्रा के पास पहुंचे।
कोच ढिल्लों की सलाह पर शुरू की ट्रेनिंग
बिंद्रा ने 2013 में अपने कोच कर्नल जेएस ढिल्लों से अर्जुन को मिलाया जिन्होंने उन्हें राइफल निशानेबाजी में करियर बनाने की सलाह दी। ढिल्लों की सलाह पर अर्जुन ने 10 मीटर एयर राइफल वर्ग में ट्रेनिंग लेनी शुरू की। उनकी मेहनत का ही नतीजा था कि अर्जुन ने 2013 में चंडीगढ़ स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप में अपना पहला पदक जीता था।
पाकिस्तान सीमा के पास है घर
अर्जुन एक मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं और पंजाब के जलालाबाद में उनका घर है जो पाकिस्तान सीमा के बेहद करीब है। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई अपने गृहनगर से पूरी की थी। अपने पिता की नौकरी के चलते वह चंडीगढ़ शिफ्ट हो गए। मालूम हो कि अर्जुन के पिता भारतीय रेलवे में हैं। चंडीगढ़ में उन्होंने बीए हॉनर्स की डिग्री प्राप्त की।
क्रोएशिया के मिरान मारिसिच के 10.7 के जवाब में उनका 9.5 का शॉट भारी पड़ गया। उन्होंने फाइनल की शुरूआत 10.7 से की और फिर 10.2 स्कोर किया। तीसरे शॉट पर 10.5 स्कोर के साथ वह चौथे स्थान पर पहुंच गए और फिर 10.4 के साथ तीसरे स्थान पर पहुंचे। पहली सीरिज उन्होंने 10.6 पर खत्म की। दूसरी सीरिज में उन्होंने 10.7, 10.5, 10.8 के पहले तीन शॉट लगाए। इस समय उनके और विश्व रिकार्डधारी चीन के शेंग लिहाओ से 0.1 अंक ही पीछे थे। लिहाओ ने 252.2 के ओलंपिक रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता। स्वीडन के विक्टर लिंडग्रेन को रजत और क्रोएशिया के मारिसिच को कांस्य पदक मिला।
'आज मेरा दिन नहीं था'
पेरिस ओलंपिक में पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में चौथा स्थान हासिल करने पर भारतीय निशानेबाज अर्जुन बाबूता ने कहा, "आज मेरा दिन नहीं था। मुझे इसे स्वीकार करना होगा और आगे बढ़ना होगा। यह निश्चित रूप से मुझे मजबूत बनाएगा। मैंने कल और आज मैच से पहले अभिनव बिंद्रा से भी बात की थी। उन्होंने मेरा समर्थन किया था।"