फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फर्श पर बैठकर कभी ना करें माता की पूजा, भुगतने पड़ सकते हैं बुरे परिणाम

Wed, 29 Mar 2017 04:16 PM IST
amarujala.com- Presented by: किरण सिंह
विज्ञापन
मंदिर पूर्व दिशा में बनाया जाता है।
विज्ञापन
घर बनाते समय या फिर किसी दूसरे घर में शिफ्ट होने से पहले सबसे ज्यादा ध्यान जाता है मंदिर पर। घर में मंदिर किस जगह को बनाया जाएं। अधिकतर दिशा और खुली जगह देखकर उस स्थान को पूजाघर में बदल दिया जाता है, लेकिन क्या आप जानते है घर के किस स्थान पर मंदिर बनाना शुभ होता है और कौनसा स्थान अशुभ।
विज्ञापन


- वैसे तो घर में मंदिर पूर्व दिशा में बनाई जाती हैं। ऐसा माना जाता है कि सूर्य पूर्व दिशा की ओर से उगता है और इसी दिशा से सृष्टि पर रोशनी आती है। भूलकर भी दक्षिण दिशा को पूजाघर नहीं बनाना चाहिए।

- पूजा करते समय ध्यान रखें कि आपका चेहरा पूर्व या उत्तर दिशा की तरफ ही हो। वास्तुशास्त्र के अनुसार घर की उत्तर पूर्व दिशा को भी भगवान का स्थान माना गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पूजाघर को फर्श से ऊचां रखें।
- आजकल अधिकतर घरों में दो से अधिक जगह पूजा का स्थान बन गया है। अपने- अपने कमरें में भी परिवार से सदस्यों ने मंदिर बना लिए। घर में एक से अधिक जगह पर पूजा का स्थान होना अशुभ माना जाता है। घर में एक ही जगह पर पूजा होनी चाहिए। वहीं घर के विभिन्न स्थानों पर भी देवी- देवताओं की तस्वीर लगाने से बचें। 

- अगर आप बैठकर पूजा करते हैं तो पूजाघर को फर्श से ऊचां रखें। पूजा घर की दीवार हमेशा आम फर्श से ऊपर होनी चाहिए।

- पूजा करते समय ध्यान रखें कि जमीन पर खड़ें होकर या बैठकर पूजा ना करें। आसन पर ही बैठकर या खड़े होकर पूजा करें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें