फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रेरक कथाः आखिरी दरवाजा आ गया।

Fri, 17 Jan 2014 03:13 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
एक फकीर था। वह भीख मांगकर अपनी गुजर-बसर किया करता था। भीख मांगते वह बूढ़ा हो गया। उसे आंखों से कम दिखने लगा। एक दिन भीख मांगते हुए वह एक जगह पहुंचा और उसने आवाज लगाई। किसी ने कहा, आगे बढ़ जाओ। यह ऐसे आदमी का घर नहीं है, जो तुम्हें कुछ दे सके।
विज्ञापन


फकीर ने पूछा, भैय्या आखिर इस घर का मालिक कौन है। जो किसी को कुछ नहीं देता। उस आदमी ने कहा, अरे पागल , तू इतना भी नहीं जानता कि यह मस्जिद है। इस घर का मालिक खुद अल्लाह है। फकीर के भीतर से तभी कोई बोल पड़ा। यह लो। आखिरी दरवाजा आ गया।

इससे आगे अब कोई और दरवाजा नहीं है। अपने अंदर की आवाज सुनकर फकीर ने कहा, अब मैं यहां से खाली हाथ नहीं लौटूंगा। जो यहां से खाली हाथ लौट गए, उनके भरे हाथों की भी क्या कीमत है।
विज्ञापन


फकीर वहीं रुक गया और फिर कभी कहीं गया नहीं। लोग समय-समय पर उसे खाना पीना देते रहे। कुछ समय बाद जब उस बूढ़े फकीर का अंतिम क्षण आया तो लोगों ने देखा वह उस समय भी मस्ती से नाच रहा था।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें