सीता को रावण से मुक्ति दिलाने के लिए भगवान राम ने रावण से युद्ध किया और मृत्युदंड दिया। भगवान राम जानते थे कि सीता पवित्र है इसके बावजूद भी राम ने दुनिया के सामने सीता की पवित्रता साबित करने के लिए उनसे अग्नि परीक्षा ली। रामायण में वर्णित कथा के अनुसार अयोध्या वापस लौटते समय बानरों एवं जनसमुदाय के सामने राम ने सीता से अग्नि कुण्ड के बीच से चलकर आने के लिए कहा।
पतिव्रत धर्म के कारण सीता अग्निकुण्ड को पार कर गयी और उनका बाल भी बांका नहीं हुआ। इसके बाद राम जी सीता के लेकर अयोध्या लौट आए। यह घटना श्रीलंका में हुई थी। काफी समय से श्रीलंका में देवी सीता का मंदिर बनने की बात चल रही थी। यह मामला भारत सरकार की अनुमति के कारण अटका हुआ था।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को पन्ना जिले के गुनौर में आयोजित अन्त्योदय मेले के समापन अवसर पर बताया कि जिस स्थान पर देवी सीता को अग्नि परीक्षा देनी पड़ी थी, उस स्थान पर सीता का भव्य मंदिर बनवाया जाएगा।
भारत सरकार ने इसके लिए हामी भर दी है। श्रीलंका सरकार से इसके लिए पहले ही इजाजत मिल चुकी है। जल्दी ही इस स्थान पर देवी सीता के दर्शन प्राप्त हो सकेंगे। इस कार्य के लिए मध्यप्रदेश सरकार की ओर से अभी एक करोड़ रूपये निर्धारित किये गये हैं।