धन-समृद्धि से युक्त बड़े-बड़े राज्यों के राजा-महाराजों की तुलना उस चींटी से भी नहीं की जा सकती है जिसके हृदय में ईश्वर का प्रेम भरा हो। गुरूनाक देव