1.
हमारे समाज में अपने से बड़ों के अभिवादन एवं चरण स्पर्श की परंपरा रही है। मान्यता है कि अपने से वरिष्ठजनों के चरण स्पर्श करने से स्वयं के भीतर नम्रता, दूसरों के प्रति आदर और विनय का भाव जागृत होता है। इसके साथ ही वरिष्ठ व्यक्ति की सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह भी उसके आशीर्वाद के रूप में आपके भीतर प्रवाह होता है।
3.
अपने माता-पिता और बड़े लोगों का पैर छूकर उनका आशीर्वाद लेने से दिन के सारे काम बढ़िया से संपन्न होते हैं। साथ ही चरण स्पर्श से हमें सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। आज यानी गुरुवार के दिन यदि आप अपने माता- पिता और गुरु के चरण स्पर्श करेंगे तो धन और विवाह संबंधी सारी बाधाएं दूर हो जाएगी।
4.
अमूमन हम तीन तरीकों से किसी वरिष्ठ व्यक्ति का पैर छूते हैं। झुककर, घुटने के बल बैठकर और साष्टांग प्रणाम करते हुए। ध्यान रहे कि हमें हमेशा अपना सिर दोनों हाथों के बीच में रखते हुए अपने शरीर के ऊपरी हिस्से को झुका कर किसी भी संत या वरिष्ठ व्यक्ति का चरण स्पर्श करना चाहिए। साथ ही पैर छूते समय उस व्यक्ति के प्रति पूरा आदर एवं सम्मान की भावना होनी चाहिए। अनमने ढंग से किसी का पैर नहीं छूना चाहिए।