यदि आप नियमित रूप से एक्सरसाइज, वॉक या वर्कआउट करती हैं तो इस दिन ये सब न करें ताकि आपकी ऊर्जा बनी रहे। इस दिन डीप ब्रीदिंग और मैडिटेशन कर सकती है। इससे आप स्वयं को रिलैक्स महसूस कर सकेंगी। मैडिटेशन आपके शरीर में ऊर्जा के स्तर को संतुलित रखने में मदद करेगा। अगर आप दिनभर तन-मन से तनाव से मुक्ति रहेंगी तो जब आप शाम की पूजा के लिए तैयार होंगी तो यकीन मानिए आपकी खूबसूरती अलग ही नज़र आएगी।
व्रत के दिन जितना हो सके खुद को व्यस्त रखने की कोशिश करें,अपनी पसंद का कोई काम करें मसलन मंत्रोचारण, किताब पढ़ना या ऐसा कोई भी काम जिससे आपको थकान महसूस नहीं हो।और सबसे ज़रूरी है कि व्रत के दौरान अपने मन में यह बात रखें कि आप यह व्रत उसके लिए कर रही हैं जिसको आप सबसे ज्यादा प्यार करती हैं, जिससे आपकी तमाम खुशियां जुड़ी हुई हैं और खुद को याद दिलाती रहें कि आप अपने जीवनसाथी की फ़िक्र करती हैं, उनकी सलामती की दुआ कर रही हैं। बस आपके व्रत को पूर्ण करने के लिए इससे अच्छा मोटिवेशन और कोई नहीं हो सकता।
एक वादा संग-संग चलने का
पति को चाहिए कि वह अपनी पत्नी के लिए आज चांदनी तले कुछ ऐसा प्रण करे कि उसकी जीवन संगिनी हमेशा के लिए उसकी मुरीद हो जाए। ये सब आप अपनी पत्नी को सिर्फ खुश करने के लिए नहीं बल्कि अपना कर्तव्य समझ कर करेंगे तो आपका रिश्ता मजबूत होगा। पति को भी चाहिए कि पत्नी के साथ तैयारियों में उनकी मदद करें,उनका आदर-सम्मान करें क्योंकि एक दूसरे के लिए प्यार और समर्पण भाव के बिना यह व्रत अधूरा है। करवा चौथ के दिन पुरुष भी अपनी पत्नियों के लिए उनकी आर्थिक सुरक्षा और स्वास्थ्य रक्षा का प्रण लेकर इस व्रत की गरिमा में चार चांद लगाएं। यही नहीं, परिवार के सभी सदस्य भी नवविवाहिता की पहली करवाचौथ को खास बनाने के लिए गिफ्ट के साथ आशीर्वाद प्रदान करें, उसके काम और रूप-रंग की प्रशंसा करें। प्रशंसा कैसी भी हो सकारात्मक असर करती है रिश्तों को मधुर बनाती है।
सेहत भरी हो सरगी
ससुराल में सास द्वारा नई बहू को बड़े प्यार से मिलने वाली पहली सरगी करवाचौथ के व्रत का सबसे अहम हिस्सा होती है। सौभाग्य की प्रतीक माने जाने वाली सरगी में मिठाई,फल,सेंवईं, पूरी और सूखे मेवे एवं साज-श्रृंगार का सामान दिया जाता है। सरगी का सेवन सुहागन स्त्रियां करवाचौथ के दिन सूर्योदय से पूर्व तारों की छांव में करती हैं। परन्तु व्रत-परंपरा के बीच अपनी सेहत को अनदेखा करने की ग़लती आप बिल्कुल न करें,संभव हो तो सरगी में तले-भुने खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें, हल्का और पौष्टिक खाएं ताकि पूरे दिन एक्टिव रह सकें। फल,दूध, पनीर और मल्टीग्रेन से बने खाद्य पदार्थ सरगी के लिए अच्छे विकल्प साबित हो सकते हैं। सरगी के बाद निर्जल व्रत शुरू हो जाता है जो नवविवाहिताएं निर्जल व्रत न कर सकें वे फल, दूध, दही, जूस, नारियल पानी ले सकती हैं। अधिक मात्रा में चाय और कॉफी के सेवन से बचना बेहतर रहेगा।