फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chanakya Niti: इस तरह की कमाई से कभी नहीं मिलती सफलता, छा जाती है दरिद्रता

Mon, 04 Aug 2025 02:54 PM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आचार्य चाणक्य ने अपने प्रसिद्ध ग्रंथ 'चाणक्य नीति' में ऐसे लोगों के बारे में बताया है, जिन लोगों के पास धन ज्यादा समय तक नहीं ठहरता, चाहे वे कितना भी कमा लें। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
 
विज्ञापन
Chanakya Niti For Life - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Chanakya Niti In Hindi: एक सुखद और आत्मनिर्भर जीवन के लिए आर्थिक रूप से मजबूत होना आवश्यक है। हर व्यक्ति अपने जीवन को बेहतर बनाने और जरूरतों को पूरा करने के लिए धन अर्जित करता है। लेकिन कुछ लोग कड़ी मेहनत की जगह आसान रास्तों को चुनकर जल्दी अमीर बनना चाहते हैं। ऐसे लोग भले ही थोड़े समय के लिए संपन्न बन जाएं, पर उनका धन टिकता नहीं और वे अक्सर आर्थिक तंगी में फंसे रहते हैं।

विज्ञापन


आचार्य चाणक्य, जिन्हें महान राजनीतिज्ञ, अर्थशास्त्री और कुशल नीतिकार के रूप में जाना जाता है, ने अपने प्रसिद्ध ग्रंथ 'चाणक्य नीति' में ऐसे लोगों के बारे में बताया है, जिन लोगों के पास धन ज्यादा समय तक नहीं ठहरता, चाहे वे कितना भी कमा लें। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

Gita Shlok: गीता के ये पांच श्लोक दिलाते हैं मानसिक शांति और गुस्से से छुटकारा, सभी को पढ़ना चाहिए
विज्ञापन

Bhagavad Gita: इन गलतियों से व्यक्ति को जीवन में उठाने पड़ते हैं कष्ट, गीता में भी है इनका उल्लेख

श्लोक:
अन्यायोपार्जितं द्रव्यं दश वर्षाणि तिष्ठति।
प्राप्ते एकादशे वर्षे समूलं च विनश्यति।।


अर्थ: अन्याय या गलत तरीके से अर्जित धन अधिकतम दस वर्षों तक टिकता है, ग्यारहवें वर्ष में वह पूरी तरह नष्ट हो जाता है।

Chanakya niti: अगर चाहते हैं जीवन में भरोसेमंद लोग, तो चाणक्य के इन 4 सिद्धांतों को अपनाना न भूलें
Chanakya Niti: आज से अपनाएं चाणक्य के ये 6 अमूल्य सूत्र, सफलता आपके कदम चूमेगी

अनैतिक तरीके से कमाया गया धन
चाणक्य के अनुसार जो धन ईमानदारी से नहीं, बल्कि अनुचित या धोखाधड़ी के माध्यम से अर्जित किया गया हो, वह सिर्फ क्षणिक सुख देता है। ऐसा धन न केवल व्यक्ति की मानसिक शांति छीनता है, बल्कि भविष्य में दुखों का कारण भी बनता है।

चोरी से अर्जित धन
चोरी या छल-कपट से मिला पैसा कभी स्थायित्व नहीं देता। यह न तो आत्मिक संतोष देता है और न ही सुख-शांति। चाणक्य मानते हैं कि चोरी की कमाई से न केवल स्वयं व्यक्ति का पतन होता है, बल्कि उसके परिवार और वंश को भी इसका दुष्परिणाम भुगतना पड़ता है।

Chanakya Niti: घर हो या ऑफिस, हर जगह लोग करेंगे आपको पसंद, बस अपनाएं आचार्य चाणक्य के ये टिप्स
Chanakya Niti: क्या आपके पास भी नहीं टिकता धन, आचार्य चाणक्य से जानें इसके पीछे का कारण

धोखे से धन कमाने वालों का भविष्य
अगर कोई व्यक्ति दूसरों को धोखा देकर धन कमाता है, तो उसका सम्मान धीरे-धीरे समाप्त हो जाता है। समाज ऐसे लोगों को तिरस्कृत करता है। उनके संबंध खराब होते हैं और वह कर्ज तथा मानसिक तनाव से घिर जाता है।

Chanakya Niti: ऐसे लोगों से दूरी बनाना ही है समझदारी, वरना जीवन भर रहेगा पछतावा
Chanakya Niti: शादी के बाद पुरुषों को भूलकर भी नहीं करने चाहिए ये काम, दांपत्य जीवन पर हो सकता है बुरा असल


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें