Mahabharat: हम सभी को बचपन से ही भगवान राम के बारे में बताया जाता है। उनके संघर्ष, परिश्रम और वीरता की कहानियां सभी को सुनाई जाती है। यही नहीं घरों में भी रामायण ग्रथ को रखा जाता है, क्योंकि इसका शुभ प्रभाव परिवार पर पड़ता है। वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण में श्रीराम के जीवन का उल्लेख है। इसमें उनके वचन, धैर्य और संघर्षों का जिक्र है। ऐसी मान्यता है कि रोजाना इसका पाठ करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। वहीं कुछ लोगों का गीता के प्रति अधिक श्रद्धा भाव होता है। वह नियमित रूप से इसका पाठ करते हैं।
आज भी गीता के उपदेश युवाओं को मार्गदर्शित करने में सहायता करते हैं। मान्यता है कि इसका पालन करने पर व्यक्ति बड़ी से बड़ी परिस्थितियों को मात देकर विजय प्राप्त कर सकता हैं। हिंदू धर्म में इन दोनों ही ग्रंथों को बेहद शुभ माना गया है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर महाभारत को घरों में क्यों नहीं रखा जाता है ? जिसमें की महाभारत को 5वां वेद भी कहा जाता है। साथ ही उसकी गणना विश्व के महाकाव्य के रूप में की जाती है। ऐसे में आइए जानते हैं कि घरों में महाभारत क्यों नहीं रखा जाता।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। इस लेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।