जहां पर भी तुलसी का पौधा लगाएं वहां पर साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
- फोटो : adobe stock
हिंदू धर्म में तुलसी का पौधा बहुत ही पूजनीय और पवित्र माना जाता है। पूजा-पाठ से लेकर किसी भी तरह के धार्मिक अनुष्ठान में तुलसी के पौधे का विशेष महत्व होता है। हिंदू धर्म में हर एक घर में तुलसी का पौधा जरूर होता है। घर के आंगन में तुलसी के पौधे को लगाने की और नियमित पूजा करने की विशेष परंपरा सदियों से चली आ रही है। तुलसी का पौधा न सिर्फ धार्मिक महत्व रखता है बल्कि इसका वास्तु और आयुर्वेद में विशेष महत्व होता है। तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल बीमारियों को ठीक करने में होता है। तुलसी के पत्तों का सेवन करने से व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
तुलसी के पौधे का वर्णन और महत्व कई ग्रंथों और पुराणों में किया गया है। स्कंद पुराण, पद्म पुराण और गुरुण पुराण में खास वर्णन है। तुलसी को विष्णु प्रिया कहा गया है। जिन घरों में तुलसी का पौधा होता है और नियमित रूप से पूजा- अर्चना की जाती है वहां पर देवी लक्ष्मी और भगवान विष्णु का वास होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तुलसी के पौधे की नियमित रूप से पूजा करने से देवी-देवताओं का आशीर्वाद तो मिलता ही है साथ ही हर के पापों का नाश भी होता है। आइए जानते हैं तुलसी के पौधे से जुड़ी कुछ खास बातें जिसके बारे में हर किसी को जरूर मालूम होना चाहिए।
- - हिंदू धर्म में तुलसी को बहुत ही पवित्र और पूजनीय पौधा माना जाता माना जाता है। वास्तु शास्त्र में भी तुलसी को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने वाला पौधा कहा गया है।
- - जिन घरों पर तुलसी का पौधा लगा होता है और हर दिन पूजा की जाती है और जल अर्पित किया जाता है, वहां पर सदैव भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। ऐसे घरों में कभी भी खुशहाली व धन-धान्य की कमी नहीं होती है।
- - वास्तु में तुलसी के पौधे को रखने और लगाने के लिए कुछ नियम होते हैं। वास्तु के अनुसार तुलसी को घर के ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा, पूर्व दिशा और उत्तर दिशा में लगाना सबसे ज्यादा शुभ माना जाता है। इस दिशा में तुलसी का पौधा लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार बहुत ही बेहतर तरीके से होता है। इससे घर पर हमेशा सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
- - वास्तु शास्त्र के अनुसार तुलसी का पौधा कभी भी दक्षिण दिशा में नहीं लगाना चाहिए। इस दिशा के स्वामी यमराज होते हैं। ऐसे में भूलकर भी तुलसी के पौधे को दक्षिण दिशा में नहीं लगाना चाहिए।
- - घर पर जहां पर भी तुलसी का पौधा लगाएं वहां पर साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
- - तुलसी के पौधे को बहुत ही पूजनीय और पवित्र माना जाता है। ऐसे में देखभाल करते समय विशेष ध्यान देना चाहिए। रोजाना सुबह स्नान करने के बाद तुलसी को जल जरूर अर्पित करें। इसके अलावा अगर जल में गंगाजल को मिलाकर तुलसी को अर्पित किया जाय तो यह बहुत ही शुभ फलदायी होता है।
- - हर दिन सूर्यास्त के बाद तुलसी के पौधे की पूजा, दीपक जलाना और आरती करना बहुत ही शुभ माना जाता है।
- - यदि आप घर में तुलसी का पौधा लगा रहे हैं तो गुरुवार के दिन लगाना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कलियुग में तुलसी का पूजन, कीर्तन, ध्यान, रोपण और धारण करने से वह समस्त पाप को जलाती है और मोक्ष प्रदान करती है।
- - तुलसी भगवान विष्णु को बहुत-ही प्रिय होती है। तुलसी के बिना विष्णुजी, कान्हाजी और भगवान हनुमान का भोग अधूरा माना जाता है।
- - हर माह की एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या तिथि पर और पूरे कार्तिक माह में तुलसी की विशेष रूप से पूजा करना चाहिए।
- - कुछ खास दिनों में और विशेष स्थितियों में जैसे रविवार, एकादशी, सूर्यास्त के बाद और ग्रहण के दौरान तुलसी के पत्तों को तोड़ना वर्जित माना गया है। तुलसी के पत्तों को कभी भी बासी नहीं माना जाता है। ऐसे में इन वर्जित दिनों में अगर तुलसी के पत्तों की जररूत है तो तोड़ने के बजाय गिरे हुए पत्तों को उठाकर पूजा में इस्तेमाल किया जा सकता है। या फिर एक दिन पहले ही तुलसी के पत्तों को तोड़कर रख लेना चाहिए।
- - तुलसी के पौधे को कभी भी गंदे हाथों से, जूते-चप्पल पहनकर या फिर अपवित्र स्थिति में नहीं छूना चाहिए।
- -जब कभी भी किसी कारण से तुलसी का पौधा अगर सूख जाए तो उसे इधर-उधर फेंकना नहीं चाहिए। बल्कि इसे नदी या कुएं में प्रवाहित करना चाहिए।
- - तुलसी के पत्तों को कभी भगवान शिव को न अर्पित करें। तुलसी के पत्तों को भगवान विष्णु, भगवान श्रीकृष्ण, भगवान हनुमान या फिर विष्णु के अवतारों को ही अर्पित करना चाहिए।
- तुलसी पूजन मंत्र-
महाप्रसाद जननी सर्व सौभाग्यवर्धिनी, आधि व्याधि हरा नित्यं तुलसी त्वं नमोस्तुते।।
तुलसी स्तुति मंत्र -
देवी त्वं निर्मिता पूर्वमर्चितासि मुनीश्वरैः
नमो नमस्ते तुलसी पापं हर हरिप्रिये