फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बुधवार का व्रत दिलाएगा त्वचा संबंधी रोगों एवं व्यापार में घाटे से मुक्ति, जानें व्रत पूजा विधि

Tue, 25 May 2021 01:47 PM IST
Shashi Shashi ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
गणेश गजानन
विज्ञापन

हिंदू धर्म में सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी ना किसी देवी-देवता को समर्पित किया जाता है। इसी तरह से बुधवार का दिन भगवान गणेश के लिए समर्पित किया गया है। ज्योतिष के अनुसार बुधवार का दिन बुध ग्रह का माना गया है। बुध को चातुर्य, तर्कशक्ति और वाकपटुता का कारक ग्रह माना जाता है साथ ही गणेश जी को ग्रंथो में बुद्धि और शुभता का देव कहा गया है। प्रत्येक शुभ कार्य से पहले भगवान गणेश का पूजन अनिवार्य होता है। धार्मक मान्यता है कि गणेश जी की पूजा से किया गए कार्य में किसी प्रकार की विघ्न-बाधा नहीं आती है और कार्यों में सफलता प्राप्त होती है। हिंदू धर्म में पूजा, नियम, जप, तप और उपवास का बहुत महत्व माना जाता है। यदि पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ गणेश भगवान की पूजा आराधना की जाए तो जीवन की परेशानियों और विघ्न-बाधाओं से मुक्ति प्राप्त होती है।

विज्ञापन

गणेश जी
यदि अत्यधिक कर्ज के कारण परेशान हैं या लगातार व्यापार में घाटा हो रहा है या फिर परिवार में नकारात्मकता के कारण कलह की स्थिति रहती है। त्वचा संबंधी रोगों से परेशान हैं तो इन सब परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए बुधवार का व्रत बहुत लाभकारी रहता है। बुधवार के दिन यदि विधि-विधान से श्रद्धा पूर्वक व्रत किया जाएं तो इससे बुध ग्रह तो अनुकूल होता ही है साथ ही भगवान गणेश की कृपा से आपके जीवन की सभी विघ्न बाधाएं दूर हो जाती हैं। परिवार में सुख-समृद्धि, शांति और शुभता का वास होता है। जानते हैं व्रत नियम, विधि।

गणेश जी
किसी भी माह में शुक्ल पक्ष के बुधवार से व्रत आरंभ कर सकते हैं लेकिन इस व्रत के अधिक शुभफल के लिए जिस दिन विशाखा नक्षत्र हो उस दिन से व्रत आरंभ करना चाहिए। कम से कम 7 बुधवार के व्रत का संकल्प अवश्य करना चाहिए। इससे अधिक आप 21 बुधवार के व्रत पूर्ण करने के बाद उद्यापन कर सकते हैं।
विज्ञापन

गणेश जी
पूजन के नियम
  • जिस बुधवार को व्रत आरंभ करना है उस दिन प्रात: सूर्योदय के समय उठकर स्नानादि करके जितने व्रत करने हैं उनका संकल्प लें।
  • घर के मंदिर में गणओअति यंत्र की स्थापना करें और भगवान गणेश का आवाहन करें। 
  • रोली, अक्षत, दीपक, धूप, दूर्वा आदि से गणेश जी का पूजन करें। 
  • इसके बाद व्रत की कथा पढ़े और गणेश जी को लड्डू या फिर हलवे का भोग लगाएं।
  • पूजा करके आरती करें और अपनी गलतियों की क्षमा प्रार्थना करें। 
  • भगवान गणेश से कष्टों को दूर करने की प्रार्थना करें और दिनभर फलाहार व्रत रखें।
  • बुधवार के व्रत में आपको नमक का सेवन न करें। 
  • शाम को पूजन करें और सर्वप्रथम प्रसाद ग्रहण करके व्रत खोलें।
  • इस दिन असहाय या जरूरतमंद व्यक्ति को क्षमतानुसार हरी मूंग की दाल और हरे रंग के वस्त्र दान दें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें