श्रावण माह का भक्तों के लिए विशेष महत्व होता है। इस माह में भक्त भोलेनाथ को मनाने का हर संभव प्रयास करते हैं। इसलिए शिवजी के भक्त सावन सोमवार का व्रत भी रखते हैं। धार्मिक के साथ सेहत के लिए भी इन दिनों व्रत रखना सही रहता है क्योंकि इस समय पाचन क्रिया कमजोर रहती है। इसलिए इस माह फलाहार व्रत या एक समय भोजन करना सही रहता है। लेकिन कुछ परिस्थितियां ऐसी भी होती हैं जिनमें व्रत नहीं रखना चाहिए।
शिव जी
व्रत के नियमों का पालन करना अति आवश्यक होता है। अगर आप व्रत का पालन नहीं करते हैं तो उस व्रत का फल प्राप्त नहीं होता है। व्रत के दिन और पूरे सावन माह में ब्रह्मचर्य का पालन करना अति आवश्यक होता है। व्रत में असत्य वचन नहीं बोलना चाहिए। ऐसे लोगों से दूर रहना चाहिए जो अधर्म के रास्ते पर चलते हों। किसी से ईर्ष्या की भावना अपने मन में न लाएं। व्रत के लिए सत्य, क्षमा, दया, दान, शौच, अग्निहवन, इन्द्रियों पर नियंत्रण, संतोष एवं अस्तेय इन गुणों का होना आवश्यक है।