रामलीला भगवान राम अपनी वानर सेना के साथ जब तक सागर पार करते हैं तब तक आज चलिए लंका घूमकर आते हैं। रावण के समय लंका संसार का सबसे धनवान और समृद्घ राज्य था। रावण ने अपने बल से देवताओं को अपने अधीन कर रखा था। देवाताओं के कोषाध्यक्ष क़ुबेर जो रिश्ते में रावण का भाई भी था। रावण ने उसे भी युद्घ में पराजित करके लंका से भगा दिया। कुबेर को तिब्बत जाकर शरण लेना पड़ा।
रावण ने कुबेर को पराजित करने के बाद उनसे भगवान विश्वकर्मा द्वारा बनाए पुष्पक विमान को छीनकर उसपर अधिकार कर लिया। यह विमान बिना ईंधन के चालक की इच्छा के अनुसार धीमी और तीव्र गति से उड़ सकता था। इसी विमान का निर्माण इस प्रकार किया गया जिससे इसे छोटा और बड़ा किया जा सकता है। जिससे कई व्यक्ति एक साथ इस विमान से यात्रा कर सकते थे। रामायण में वर्णित है कि रावण पंचवटी से माता सीता का हरण करके पुष्पक विमान से लंका लेकर आया था।
रावण का वध करने के बाद लंका से अयोध्या जाते समय राम, लक्ष्मण, सीता एवं हनुमान जी इसी विमान से अयोध्या लौटे थे। श्री लंका के श्रीरामायण रिसर्च कमेटी के अनुसार रावण के पास अपने पुष्क विमान को रखने के लिए चार हवाई अड्डे थे। इन चार हवाई उड्डे में से एक का नाम उसानगोड़ा था। इस हवाई अड्डे को हनुमान जी ने लंका दहन के समय जलाकर नष्ट कर दिया था। अन्य तीन हवाई अड्डे गुरूलोपोथा, तोतूपोलाकंदा और वारियापोला थे जो सुरक्षित बच गए।
रावण के पुष्पक विमान और हवाई अड्डे की सैर करके लौट आते हैं जहां राम जी रावण से युद्घ की तैयारी कर रहे हैं। कल के प्रसंग में देखेंगे राम लक्ष्मण का मेघनाद से युद्घ