पितृ दोष को समाप्त करने के लिए माघ अमावस्या के दिन पितरों का तर्पण करें। इसके साथ ही विशेष चीजों का भोग लगाएं। ऐसा करने से पितृ दोष दूर होता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, मौनी अमावस्या के दिन देवी-देवता और पितृ गंगा में स्नान करते आते हैं। ऐसे में आप मौनी अमावस्या के दिन ब्रह्म मुहूर्त में पवित्र नदी में स्नान करें। ऐसा करने से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है और पूर्वज प्रसन्न होते हैं।
माघ अमावस्या के दिन तिल, घी, गुड़ या धन का दान करें। मान्यता है इस दिन वस्तुओं का दान करने से पितरों का आशीर्वाद मिलता है और आर्थिक समृद्धि भी प्राप्त होती है। इसके साथ ही व्यक्ति के रुके हुए काम पूरे होते हैं और बिजनेस में सफलता हासिल होती है।
माघ अमावस्या 2025 शुभ मुहूर्त
माघ अमावस्या की तिथि आरंभ: 28 जनवरी, मंगलवार, सायं 07 बजकर 35 मिनट पर
माघ अमावस्या की तिथि समाप्त: 29 जनवरी, बुधवार, सायं 06 बजकर 05 मिनट पर
उदयातिथि के अनुसार मौनी अमावस्या का पर्व 29 जनवरी को मनाया जाएगा।
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