Makar Sankranti 2022: जनवरी के महीने का सबसे बड़ा त्योहार मकर संक्रांति बहुत ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार पौष माह की द्वादशी तिथि पर मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है। इस बार मकर संक्रांति आज मनाई जा रही है। लेकिन पंचांग भेद के कारण कुछ स्थानों पर मकर संक्रांति 15 जनवरी को भी मनाई जाएगी। इस दिन सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण होते हैं। जिसका मतलब होता है सूर्य उत्तर की दिशा की ओर बढ़ते हैं। इस दिन से दिन बड़े और राते छोटी होनी शुरू हो जाती है। ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार मकर संक्रांति पर सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश कर जाते हैं जिसे मकर संक्रांति कहा जाता है। मकर संक्रांति से सभी तरह के शुभ कार्य दोबारा से आरंभ हो जाते हैं। मकर संक्रांति पर पवित्र नदियों में स्नान, पूजा-पाठ और दान करने का विशेष महत्व होता है। मकर संक्रांति के दिन सुबह ही स्नान करके सूर्यदेव को अर्घ्य देते हुए कई चीजों का दान किया जाता है। आइए जानते हैं कि मकर संक्राति पर किन-किन चीजों का दान करना बहुत ही शुभ और फलदायी माना गया है।
1- तिल का दान
मकर संक्रांति पर सबसे ज्यादा तिल का दान करने की परंपरा होती है। शास्त्रों में मकर संक्रांति को तिल संक्रांति भी कहा जाता है। काले तिल और तिल से बनी चीजों को दान करने से पुण्य लाभ मिलता है। शनिदेव को विशेषकर प्रसन्न करने के लिए तिल का दान किया जाता है। इसके अलावा सूर्यदेव और भगवान विष्णु भी तिल दान करने से प्रसन्न होते हैं। मकर संक्रांति पर तिल दान करने के पीछे एक कथा है दरअसल शनि देवता ने अपने क्रोधित पिता सूर्य देवता की पूजा करने के लिए काले तिल का ही प्रयोग किया था। इससे प्रसन्न होकर सूर्य देव ने वरदान दिया था कि जब भी वह मकर राशि में आएंगे तो तिल से उनकी पूजा करने और तिल का दान करने से वह प्रसन्न होंगे। इस दिन तिल का दान करने से शनि दोष भी दूर होता है।
2- खिचड़ी का दान
मकर संक्रांति को खिचड़ी भी कहा जाता है। इस दिन खिचड़ी का दान करना और खिचड़ी करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है। मकर संक्रांति पर चावल और काली उड़द की दाल खिचड़ी रे रूप में दान किया जाता है। काली उड़द के दान से शनिदेव प्रसन्न होते हैं जिससे व्यक्ति के ऊपर से शनि दोष दूर होता है और चावल के दान करने पर अक्षय फल की प्राप्ति होती है।