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Navratri Spl: देवी चंद्रघंटा की पूजा में बजाना ना भूलें घंटें, दिमाग को होगा यह फायदा

Wed, 29 Mar 2017 05:52 PM IST
amarujala.com- Presented by: किरण सिंह
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मां दुर्गा की तीसरी शक्ति को घंटों की आवाज बेहद पसंद हैंं।
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नवरात्र के तीसरे दिन मां दुर्गा की तीसरी शक्ति देवी चंद्रघंटा की पूजा होती हैं। इनके मस्तक पर घंटें की तरह लगने वाला अर्धचंद्र है, जिस कारण इन्हें चंद्रघंटा नाम से जाना जाता हैं। इनकी कृपा से व्यक्ति में वीरता और विनम्रता का विकास होता हैं। इसके अलावा सौभाग्य, शांति और वैभवता की भी प्राप्ति होती है।
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-माना जाता है कि मां चंद्रघंटा अपने भक्तों के सभी पाप को हर लेती है और उनकी सभी बाधाओं को भी नष्ट कर देती हैं। मां चंद्रघंटा की सवारी सिंह हैं, जिससे भक्त पराक्रमी और निर्भय हो जाता है।

- इनकी पूजा के समय  श्रीदुर्गा सप्तशती का पांचवा अध्याय पढ़ना ना भूलें। भक्तों मणिपूरक चक्र में ध्यान लगाकर इनकी पूजा करनी चाहिए। 
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ये चीजें करें अर्पित

आराधना के बाद दूध का भोग लगाएं।
- देवी चंद्रघंटा की आराधना के बाद दूध का भोग लगाएं। इसके बाद यह दूध किसी जरूरतमंद को पिलाएं। ध्यान रहें अगर आपकी शादी हो चुकी हैं तो सिंदुर लगाना ना भूलें। 

- मां दुर्गा की तीसरी शक्ति को घंटों की आवाज बेहद पसंद हैंं। इसीलिए पूजा के समय घंटें जरूर बजाएं। वैसे घंटे की आवाज दिमाग को एकाग्र करता हैं और दिमाग के दोनों हिस्सों में परस्पर संतुलन  बनाता हैं। इसकी गूंज कम से कम सात सैकेंड तक रहती हैं।
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