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भारत का है यह आखिरी गांव, यहां आने मात्र से ही सुधर जाती है आर्थिक स्थिति

Wed, 19 Apr 2017 12:02 PM IST
amarujala.com- writtenby: किरण सिंह
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भारत का आखिरी गांव माणा
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आर्थिक रूप से परेशान रहने वाले लोगों के लिए भारत का यह आखिरी गांव किसी चमत्कारी जगह से कम नही हैं। ऐसा माना जाता है यहां भगवान शिव की ऐसी महिमा है कि यहां जो भी आता है उसकी आर्थिक स्थिति बेहतर हो जाती है। यह गांव है माणा। माणा गांव उत्तराखण्ड के चमोली जिले में स्थित है जो बद्रीनाथ में करीब तीन किमी की दूर है।
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भक्त के नाम पर रखा गांव का नाम

भारत व तिब्बत सीमा स्थित इस गांव का नाम भगवाना शिव के भक्त मणिभद्र देव के नाम पर रखा गया है। ऐसा माना जाता है कि यह गांव श्राप मुक्त है और जो भी इस गांव में आता है कि वह व्यक्ति अपने पापों से मुक्त हो जाता है।
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भीम पुल
सबसे पहले नजर आती है गणेश गुफा

समुद्र तल से करीब 3 हजार फुट ऊंचाई  पर बसे इस गांव में कई ऐतिहासिक स्थान है। गांव के जाते ही सबसे पहले गणेश गुफा और उसके व्यास गुफा नजर आती है। ऐसा कहा जाता है कि जब भगवान गणेश वेदों की रचना कर रहे थे तो सरस्वती नदी अपने पूरे वेग में बहने के कारण शोर कर रही थी। ऐसे में गणेश जी ने कहा कि वे शोर कम करें, क्योंकि उन्हें कार्य में व्यवधान हो रहा है, लेकिन सरस्वती नदी नहीं मानी। इस बात से नाराज भगवान गणेश ने श्राप दिया कि इससे आगे वह किसी को नहीं दिखेगी। इसी वजह से सरस्वती नदी कुछ दूरी पर जाकर अलकनंदा में मिल जाती है।

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ऐसे बना भीम पुल

सरस्वती नदी पर ऊंपर भीम पुल है, जिसके बारे में कहा जाता है कि जब पांडव स्वर्ग को जा रहे थे तो सरस्वती नदी से किनारे मांगा, लेकिन उन्हें रास्ता नहीं मिला। ऐसे में महाबली भीम ने दो बड़ी शिलाएं उठाकर इसके  ऊपर रख दी, जिससे इस पुल का निर्माण हुआ। 
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