Kharmas 2021: सूर्य के धनु राशि में गोचर की अवधि को खरमास कहा जाता है। खर मास की शुरुआत दिसंबर के मध्य से शुरू होकर जनवरी के मध्य तक रहती है। संक्रांति के इस काल में अग्नि तत्व अपने चरम पर होता है। यह समय उन गतिविधियों के लिए उपयोगी है जिनमें वाद-विवाद शामिल हैं। इस चरण में मनुष्य की जलवायु, प्रकृति और व्यवहार में भी परिवर्तन देखा जाता है। किसी भी प्रकार के शुभ कार्यों, विशेषकर विवाह के लिए खरमास को शुभ नहीं माना जाता है। इसी वजह से माना जाता है कि इस अवधि में विवाह से बचना चाहिए। आइए जानते हैं क्या है खरमास। सूर्य हर महीने राशि में गोचर करता है। सूर्य के एक राशि से दूसरी राशि में गोचर की अवधि को सूर्य संक्रांति कहते हैं। जब सूर्य वृश्चिक राशि से धनु राशि में प्रवेश करता है, तो गोचर की अवधि को धनु संक्रांति कहा जाता है। धनु संक्रांति को खरमास संक्रांति भी कहा जाता है। सूर्य और धनु दोनों ही अग्नि तत्व हैं। सूर्य के धनु राशि में गोचर से दो उग्र तत्वों की युति होती है। इससे हर तरफ अग्नि तत्व की वृद्धि होती है। धनु राशि बृहस्पति ग्रह की मूल राशि है और जब सूर्य इस राशि से युति करता है तो इसका प्रभाव सभी पर देखने को मिलता है।