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गायत्री जयंती आज, जानिए कैसे हुआ अवतरण और क्यों कहा जाता है इनको वेदमाता

Thu, 25 Jun 2026 09:07 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

gayatri jayanti 2026:
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गायत्री जयंती 2026 - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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Gayatri Jayanti 2026: आज गायत्री जयंती है। हिंदू धर्म में गायत्री माता और गायत्री मंत्र का जाप करने का विशेष महत्व होता है। पौराणिक कथा के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की एकदशी पर गायत्री माता का प्रकाट्य हुआ था, इस कारण से हर वर्ष इस तिथि को गायत्री जयंती के रूप में मनाया जाता है। हिंदू धर्म में मां गायत्री को वेदमाता कहा जाता है। सभी वेदों की उत्पत्ति और भारतीय संस्कृति की जननी गायत्री माता को कहा जाता है। धर्म ग्रंथों के अनुसार मां गायत्री माता की पूजा और गायत्री मंत्र का जाप करने से सभी तरह की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। शास्त्रों के अनुसार माता गायत्री को ज्ञान और विवेक की देवी माना जाता है। गुरु विश्वामित्र ने गायत्री मंत्र को इस दिन पहली बार सर्वसाधारण के लिए बोला था, जिसके बाद इस पवित्र एकादशी को गायत्री जयंती के रूप में जाना जाने लगा। 
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गायत्री माता का स्वरूप और गायत्री मंत्र का महत्व
  • मां गायत्री को त्रिदेवों यानी ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों स्वरूप माना जाता है।
  • मां गायत्री के स्वरूप में 5 मुख और 10 हाथ है। उनके इस रूप में चार मुख चारों वेदों के प्रतीक है और पांचवा मुख शक्ति का प्रतीक माना जाता है।
  • गायत्री माता को त्रिदेवों की आराध्य माता माना गया है। 
  • पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सृष्टि के आरंभ में ब्रह्मा जी के मुख से गायत्री मंत्र प्रकट हुआ ।
  • माँ गायत्री की कृपा से ब्रह्माजी ने गायत्री मंत्र की व्याख्या अपने चारों मुखों से चार वेदों के रूप में की थी।
  • पहले गायत्री मंत्र सिर्फ देवताओं के लिए था लेकिन महर्षि विश्वामित्र ने कठोर तपस्या गायत्री मंत्र को जन-जन तक पहुंचाया।
  • गायत्री मंत्र का जप रुद्राक्ष और चंदन की माला से करना चाहिए। 

गायत्री उपासना का महत्व 
  • सनातन धर्म और संस्कृति में चार आधार शिलाओं में एक मां गायत्री भी है।
  • भगवान श्रीकृष्ण ने मनुष्यों के कल्याण और सुख के गायत्री मंत्र और ऊं का उच्चारण करना चाहिए।
  • वेदों में मां गायत्री की उपासना और मंत्र साधना से से सबकुछ प्राप्त किया जा सकता है। इसलिए मां गायत्री को आयु, प्राण, शक्ति, कीर्ति, धन और ब्रह्म तेज प्रदान करने वाली देवी कहा गया है।
  • धर्म शास्त्रों में कहा गया है कि अगर गायत्री को सिद्ध कर लिया जाए तो यह समस्त इच्छाओं को पूर्ण करने वाली कामधेनु गाय के समान हैं।
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गायत्री मंत्र
ॐ भूर्भुवः स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्.

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