Eid Ul- Fitr 2020 : पहली बार ईद कब मनाई गई
- इस्लामिक जानकारों के अनुसार पैगम्बर हजरत मुहम्मद साहब ने बद्र युद्ध में शत्रुओं पर विजय हासिल की थी। इसी की खुशी में तब से ईद का त्योहार मनाए जाने की परंपरा चली आ रही है। इस्लाम में माना जाता है कि पहली ईद हजरत मुहम्मद पैगंबर ने सन 624 ईस्वी में जंग-ए-बदर के बाद मनाई थी।
Eid Ul- Fitr 2020 : चांद देखकर ही क्यों मनाते हैं ईद
- ईद उल फितर हिजरी कैलेंडर के दसवें महीने के पहले दिन मनाई जाती है और इस कलेंडर में नया महीना चांद देखकर ही शुरू होता है। ईद भी रमजान के बाद नए महीने की शुरूआत के रूप में मनाई जाती है जिसे शव्वाल कहा जाता है। जब तक चांद न दिखे रमजान खत्म नहीं होता और शव्वाल शुरू नहीं हो सकता। वैसे इसका संबंध एक एतिहासिक घटना से भी है। कहा जाता है कि इसी दिन हजरत मुहम्मद ने मक्का शहर से मदीना के लिए कूच किया था।
Eid Ul- Fitr 2020 : ईद वाले दिन क्या-क्या किया जाता है।
- ईद का त्योहार रमजान के पाक महीने में एक महीने तक खुदा की इबादत करने के बाद उनका शुक्रिया कहने और शांति का त्यौहार होता है। ईद वाले दिन की शुरूआत सुबह जल्दी उठकर फजर की नमाज अदा करने से होती है। उसके बाद खुद की सफाई जैसे गुस्ल और मिस्वाक करना। इसके बाद साफ कपड़े पहनना। फिर उन पर इत्र लगाना और कुछ खाकर ईदगाह जाना। नमाज से पहले फिकरा करना भी जरूरी होता है। ईद की नमाज खुले में ही अदा की जाती है। सबसे खास बात ये है कि ईदगाह आने और जाने के लिए अलग अलग रास्तों का इस्तेमाल किया जाता है।