हिंदू पंचांग को वैदिक पंचांग के नाम से जाना जाता है। पंचांग के माध्यम से समय एवं काल की सटीक गणना की जाती है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अंगों से मिलकर बना होता है। ये पांच अंग तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण हैं। यहां हम दैनिक पंचांग में आपको शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिन्दू मास एवं पक्ष आदि की जानकारी देते हैं।
| तिथि |
प्रतिपदा |
09:24 तक |
| नक्षत्र | उत्तराषाढ़ा | 23:07 तक |
| करण | कौवाला
तैतिल |
09:24 तक
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| पक्ष |
कृष्ण |
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| वार | सोमवार | |
| योग | वैधृति | 21:17 तक |
| सूर्योदय | 05:28 | |
| सूर्यास्त | 19:20 | |
| चंद्रमा | मकर राशि में | |
| राहुकाल | सुबह | 07:12 − 08:56 |
| विक्रमी संवत् | 2077 | |
| शक सम्वत | 1941 | |
| मास | श्रावण | |
| शुभ मुहूर्त | अभिजीत | 11:56 − 12:52 |
तिथि - हिन्दू काल गणना के अनुसार 'चन्द्र रेखांक' को 'सूर्य रेखांक' से 12 अंश ऊपर जाने के लिए जो समय लगता है, वह तिथि कहलाती है। एक माह में तीस तिथियां होती हैं और ये तिथियां दो पक्षों में विभाजित होती हैं। शुक्ल पक्ष की आखिरी तिथि को पूर्णिमा और कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि अमावस्या कहलाती है। तिथि के नाम - प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, चतुर्थी, पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, अष्टमी, नवमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी, चतुर्थदशी, अमावस्या/पूर्णिमा।