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भगवान शिव का पसंदीदा फूल है चंपा, फिर भी नहीं किया जाता उन्हें अर्पित, जानिए क्यों

Wed, 03 May 2017 11:37 AM IST
amarujala.com- written by: किरण सिंह
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शिवलिंग
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पूजा पाठ में देवी देवताओं को उनका पसंदीदा फूल अर्पित किया जाता है। माना जाता है कि उससे वो खुश होते है, लेकिन भगवान शिव को अपने पसंदीदा फूल से दूर रहना पड़ता है। भगवान शिव को उनका पसंदीदा फूल चंपा अर्पित नहीं किया जाता। क्या आप जानते है कि इस फूल को भगवान शिव की पूजा से दूर क्यों रखा जाता है। जानिए इसके पीछे का राज
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गलत नीतियों के चलते तोड़ा था फूल

माना जाता है कि एक बार नारद मुनि को पता चला की एक ब्राह्मण ने अपनी बुरी इच्छाओं के लिए चंपा के फूल तोड़े और जब नारद मुनि के वृक्ष्र से पूछा कि क्या किसी ने उसके फूलों को तोड़ा है तो पेड़ ने इससे इनकार कर दिया।
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सच्चाई जान गए थे नारद मुनि

चंपा के फूल
हालांकि जब नारद मुनि ने पास ही के शिव मंदिर में शिवलिंग को चंपा के फूलों से ढ़ंका पाया तो उन्हें सारी सच्चाई समझ आ गई और उन्हें यह बात की समझते देर नहीं लगी कि ब्राह्मण  ने भगवान शिव की यहां पर पूजा की और भगवान की कृपा से वह ब्राह्मण एक शक्तिशाली राजा बन गया, जिसने गरीबों को परेशान करना शुरू कर दिया था और भगवान शिव ने उस ब्राह्मण की मुराद भी पूरी की।

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पसंदीदा फूल था चंपा

जब नारद ने भगवान से उस ब्राह्मण की मदद करने का कारण पूछा तो भगवान शिव ने कहा कि जो चंपा के फूल से मेरी पूजा करता था, उसे वो मना नहीं कर पाए। इसके बाद नारद मुनि वापस आए और चंपा के वृक्ष का शाप दे दिया कि उसके फूल कभी भी भगवान शिव की पूजा में स्वीकार नहीं किए जाएंगे, क्योंकि वृक्ष ने उनसे झूठ बोला और उन्हें गुमराह करने की भी कोशिश की। जिसके बाद आज तक भगवान शिव को अपने पसंदीदा फूल से दूर रहना पड़ता है।
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