फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Budhwa Mangal 2023: ज्येष्ठ माह का तीसरा मंगलवार आज, जानिए सुंदरकांड करने के लाभ और नियम

Tue, 23 May 2023 09:01 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

मान्यता है कि नकारात्मक शक्तियां भी हनुमानजी के भक्तों को परेशान नहीं करती। सप्तचिरंजीवी में से एक श्री हनुमान जी एक ऐसे देवता हैं जो हर युग में मौजूद रहते हैं
विज्ञापन
तुलसीदास द्वारा रचित सुंदरकांड सबसे ज्यादा लोकप्रिय और महत्वपूर्ण माना गया है,जिसको करने से साधक पर शीघ्र ही हनुमत कृपा बरसती है। - फोटो : iStock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Bada mangal 2023: आज ज्येष्ठ माह का तीसरा मंगलवार है।  सनातन धर्म में भगवान राम के प्रिय भक्त श्री हनुमान जी की पूजा सभी संकटों, शोक, भय और रोग आदि को दूर करने वाली मानी गई है। मान्यता है कि नकारात्मक शक्तियां भी हनुमानजी के भक्तों को परेशान नहीं करती। सप्तचिरंजीवी में से एक श्री हनुमान जी एक ऐसे देवता हैं जो हर युग में मौजूद रहते हैं और अपने भक्तों द्वारा सुमिरन करने मात्र पर ही उनकी रक्षा करने के लिए दौड़े चले आते हैं। तुलसीदास द्वारा रचित सुंदरकांड सबसे ज्यादा लोकप्रिय और महत्वपूर्ण माना गया है,जिसको करने से साधक पर शीघ्र ही हनुमत कृपा बरसती है और जीवन में सब सकारात्मक होने लगता है।

विज्ञापन


Nirjala Ekadashi 2023: आने वाली है निर्जला एकादशी, जानिए शुभ फल के लिए इस दिन क्या करें और क्या नहीं 

सुंदरकांड करने के नियम
मंगलवार या शनिवार के दिन सुंदरकांड पाठ के माध्यम से शुभ फलों की प्राप्ति के लिए साधक को तन और मन से शुद्ध होकर रामदरबार या हनुमान जी की प्रतिमा या फोटो के सामने विधि-विधान से पूजा करने के बाद इसका पाठ करना चाहिए।ध्यान रहे पाठ का उच्चारण एकदम शुद्ध होना चाहिए। पाठ की शुरुआत करने के पहले प्रथम पूज्य गणेशजी  एवं भगवान श्री राम का ध्यान अवश्य करना चाहिए और जब पाठ पूरा हो जाए तो हनुमान जी की शुद्ध घी से बने दीपक या कपूर से आरती करना चाहिए।भगवान का भोग लगाकर प्रसाद को वितरित करने के बाद स्वयं भी ग्रहण कर लें।
विज्ञापन
विज्ञापन


सुंदरकांड के लाभ

  • धार्मिक मान्यता के अनुसार मंगलवार और शनिवार के दिन विशेष रूप से श्री सुंदरकांड का पाठ करने पर श्री हनुमान जी की शीघ्र ही कृपा मिलती है। इस पाठ को करने से जीवन में आ रही सभी प्रकार की परेशानियां शीघ्र ही दूर होती हैं और साधक को श्री हनुमान जी से बल, बुद्धि और विद्या समेत सुख-संपत्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
  • मान्यता है कि यदि आपको किसी कार्य विशेष में खूब कोशिशों के बाद भी सफलता नहीं मिल पा रही है तो आपको सुंदरकांड का पाठ नियमित रूप से करना चाहिए। श्री हनुमान जी की महिमा का गान करने वाला सुंदरकांड का पाठ व्यक्ति के भीतर आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति बढ़ाने वाला चमत्कारी पाठ हैं। इस पाठ को करने से कार्य विशेष में आ रही सभी बाधाएं शीघ्र ही दूर होती हैं और हनुमानजी की कृपा से मनचाहा कार्य संपूर्ण होता है।
  • ज्योतिष और पौराणिक मान्यता है कि शनिदेव हनुमानजी से डरते हैं। शनिदेव की अशुभ दशा के प्रभाव को कम करने के लिए सुंदरकांड का पाठ एक बहुत अच्छा उपाय है। शनिवार को यदि आप सुंदरकांड का पाठ करते हैं तो हनुमानजी तो प्रसन्न होंगे ही साथ में आपके ऊपर शनिदेव की भी कृपा बनी रहेगी।
  • श्री हनुमान जी के सामने सुंदरकांड का पाठ श्रद्धा एवं समर्पण के साथ करने पर व्यक्ति को जीवन में कभी भी भूत, पिशाच, शत्रु बाधा, शनि, राहु-केतु आदि से कोई भय नहीं रहता है उसे जीवन के हर क्षेत्र में सफलता मिलती है।

Sunderkand Path: सुंदरकांड का पाठ करने से पहले जान लीजिए इससे जुड़े नियम, तभी मिलेगा शुभ फल

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें