hanuman ji
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भगवान राम ने अपने भक्त हनुमान को दिया ये अधिकार
मान्यता है कि प्रभु राम ने हनुमानगढ़ी में राजा के रूप में विराजमान हनुमान जी का राजतिलक किया था। हनुमानजी एक गुफा में निवास कर रामजन्मभूमि और अयोध्या की रक्षा करते हैं। हनुमानजी की सेवा और भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान राम ने कहा कि जो भी भक्त अयोध्या में मेरे दर्शन के लिए आएगा उसे सबसे पहले हनुमान के दर्शन, पूजा और अनुमति लेनी होगी। हनुमानजी से अनुमति लिए बिना और पूजा किए राम के दर्शन और पूजन का लाभ नहीं मिलता। रामचरित मानस के सुंदरकांड में बताया गया है कि भगवान राम हनुमान को अपना सबसे प्रिय भक्त मानते है। इसी कारण से भगवान राम के दर्शन करने और उनकी कृपा पाने के लिए सबसे पहले उनके अनन्य भक्त बजरंगबली को प्रसन्न और आज्ञा लेनी पड़ती है। इसी कारण से रामलला के दर्शन से पहले हनुमानगढ़ी जाकर हनुमान जी पूजा और दर्शन के बाद ही राम के दर्शन करने की परंपरा है।