क्या आपको मालूम है कि शव पर लेप लगाने की प्रक्रिया यानी एम्बाममेंट या एम्बामिंग क्या है? खबरों में आपने सुना होगा कि बॉलीवुड अभिनेत्री श्रीदेवी के शरीर पर लेप लगाया गया था। आगे की स्लाइड में जानें एम्बाममेंट में क्या किया जाता है और मौत के बाद लेप लगाना क्यों जरूरी होता है?
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जब किसी व्यक्ति की मौत हो जाए और किन्हीं कारणों के चलते उसकी डेड बॉडी को लंबे समय तक रखा जाना हो, तो शव को सड़ने से बचाने के लिए इस लेप को शरीर पर लगाया जाता है। साथ ही इसे इसलिए लगाया जाता है जिससे डेड बॉडी में से बदबू न आए, कोई किसी तरह का इंफेक्शन न आए और उसे एक जगह से दूसरी जगह तक ले जाया जा सके। इस लेप को एम्बामिंग फल्यूड (Embalming fluid) कहा जाता है।
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एम्बामिंग फल्यूड (Embalming fluid) को कई तरह के केमिकल्स और डिसइंफेक्टेंट को मिलाकर बनाया जाता है। इसे न सिर्फ शव पर लगाया जाता है ब्लकि इंजेक्ट भी किया जाता है। एम्बामिंग फल्यूड को बनाने के लिए आमतौर पर फॉर्मलडिहाइड, ग्लुटाराल्दहाइड, मिथेनॉल का इस्तेमाल किया जाता है। इस सबमें सबसे ज्यादा मात्रा मेथेनॉल की होती है। इस पूरे घोल को शरीर पर लगाया जाता है, जिससे शव को सड़ने से बचाया जा सकता है। क्योंकि शव से बैक्टीरिया का संक्रमण होता है, जिस वजह से उसमें से बदबू आने लगती है और शरीर में से बैक्टीरिया निकलते हैं, जो दूसरे लोगों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
लेप लगाने से मृत शरीर में मौजूद डिसइंफेक्टेंट बाकी बैक्टीरिया को भी मार देते हैं। यह शरीर को बैक्टीरिया का खाना बनने से रोकने में मदद करता है। आपको बता दें कि इसलिए बॉलीवुड अभिनेत्री श्रीदेवी के शरीर पर भी इस लेप को लगाया गया था क्योंकि उनकी मौत के बाद भारत आते-आते उनके मृत शरीर को 72 से ज्यादा का वक्त लगा था।