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एक महिला जिसे एक नहीं पूरे दो जन्म की बातें याद हैं

Fri, 10 Jan 2014 12:21 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
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पुनर्जन्म की बातों पर लोग एक बारगी विश्वास नहीं करते, क्योंकि ऐसी बातें यदा कदा ही होती हैं। लेकिन ऐसा नहीं कि जो इस धरती से गया है वह वापस लौटकर नहीं आता। गीता में भगवान श्री कृष्ण ने स्वयं ही कहा कि आत्मा अमर है और यह शरीर बदलता रहता है।
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लेकिन ऐसा भी नहीं है कि आत्मा को अपने पूर्व जन्म की बातें याद नहीं होती हैं। आत्मा को अपने कई-कई जन्मों की बातें याद रहती हैं। भोपाल के एमवीएम कॉलेज से प्रिंसिपल के पद से रिटायर हुईं प्रोफेसर स्वर्णलता तिवारी से मिलकर आपको इस बात यकीन हो जाएगा कि पुनर्जन्म होता है और आत्मा को कई जन्मों की बातें याद रहती हैं।

इन्होंने अपने पूर्व जन्म के परिवारजनों को पहचान लिया और पिछले जन्म के रिश्तेदारों ने भी इनकी बात को सच माना है। इसलिए पिछले जन्म के रिश्ते भी यह निभा रही हैं।
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स्वर्णलता तिवारी का कहना है कि इनका पूर्व जन्म मध्यप्रदेश के कटनी में हुआ था। पिछले जन्म के भाई जब कटनी से मिलने इनके घर भोपाल पहुंचे तो इन्होंने झट से उन्हें पहचान लिया। यह अपने पूर्व जन्म के घर पर गई तो अपने पड़ोसियों को भी बिना किसी दिक्कत के पहचान लिया।

बचपन में यह एक दिन अचानक ही असमिया भाषा में गीत गाने लगी। इन्हें असमिया भाषा में गाते सुनकर लोग बड़े हैरान हुए। तब इन्होंने बताया कि इनका दूसरा जन्म असम के सिलहट में हुआ था। उस जन्म में जब वह आठ-नौ साल की थीं तब एक सड़क हादसे में इनकी मौत हो गई।

वहीं बचपन में एक दिन अचानक बैठे-बैठे उन्हें अपना दूसरा जन्म भी याद आ गया। उनका दूसरा जन्म सिलहट में हुआ था, जहां वो महज आठ-नौ साल की थीं और स्कूल जाते वक्त एक सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई थी।

अमेरिकी वैज्ञानिक डॉ. स्टेफन ने स्वर्णलता के केस का अध्ययन किया है और इसे एक्स्ट्रा मेमोरी का नाम दिया है। स्वर्णलता में एक अद्भुत शक्ति यह भी है वह आने वाली घटनाओं को पहले ही जान लेती हैं। इनके अनुसार विवाह से पहले ही इन्होंने अपने होने वाले ससुराल का घर देख लिया था।
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