बीहड़ की रानी के नाम से कुख्यात फूलन देवी से एक जमाने में लोग खौफ खाते थे। पुलिस ने इन्हें पकड़ने की काफी कोशिश की लेकिन हर बार नाकाम रही।
1983 में इंदिरा गांधी की सरकार ने जब फूलन देवी से समझौता किया कि उन्हें मृत्युदंड नहीं दिया जाएगा, तब फूलन ने अपने दस हजार समर्थकों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।
इसके बाद फूलन 11 साल तक जेल में रही। 1994 में मुलायम सिंह यादव की सरकार ने इन्हें रिहा कर दिया।