फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नमक का ऐसा इस्तेमाल आपने कभी सोचा भी नहीं होगा

Thu, 10 Jul 2014 08:08 AM IST
जेन कथा
विज्ञापन
विज्ञापन
एक बार एक नवयुवक किसी जेन मास्टर के पास पहुंचा और अपनी व्यथा-कथा सुना कर बोला, मैं अपनी जिंदगी से बहुत परेशान हूं। इस परेशानी से निकलने का उपाय बताएं! मास्टर ने न उसकी समस्या सुनी और न ही उसकी परेशानी के बारे में कुछ कहा। उन्होंने उससे पानी से भरा एक गिलास लाने के लिए कहा।
विज्ञापन


पढ़ें,भला क्यों जान जोखिम में डालकर इन शिवलिंग के दर्शन करने आते हैं श्रद्घालु

युवक जब पानी से भरा गिलास ले आया, तो मास्टर ने कहा, पानी के इस गिलास में एक मुट्ठी नमक डालो और उसे पीयो। युवक ने ऐसा ही किया। मास्टर ने पूछा, इसका स्वाद कैसा लगा? पानी खारा हो गया था। उसे थूकते हुए युवक बोला, बहुत ही खराब। एकदम खारा।

पढ़ें,सोने का यह तरीका कम करता है आपकी उम्र

मास्टर मुस्कुराते हुए बोले, एक बार फिर अपने हाथ में एक मुट्ठी नमक ले लो और मेरे पीछे-पीछे आओ। युवक नमक लेकर मास्टर के पीछे चल पड़ा। दोनों धीरे-धीरे आगे बढ़ने लगे और थोड़ी दूर जाकर स्वच्छ पानी से बनी एक झील के सामने रुक गए। उसकी ओर इशारा करते हुए मास्टर मे कहा, चलो, अब इस नमक को पानी में डाल दो। युवक ने ऐसा ही किया। मास्टर ने फिर कहा, अब इस झील का पानी पियो।
विज्ञापन


पढ़ें,गर्भाधान के समय रखें इन बातों का ध्यान

युवक पानी पीने लगा। मास्टर ने पूछा कि अब बताओ, इसका स्वाद कैसा है? अब भी यह खारा लग रहा है? नहीं, यह तो मीठा है, बहुत अच्छा है- युवक ने कहा। मास्टर युवक के बगल में बैठ गए और उसका हाथ थामते हुए बोले, जीवन के दुःख बिलकुल नमक की तरह हैं ; न इससे कम, न ज्यादा।

जीवन में दुःख की मात्रा वही रहती है, बिलकुल वही। लेकिन हम कितने दुःख का स्वाद लेते हैं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि हम उसे किस पात्र में डाल रहे हैं। इसलिए जब तुम दुखी हो, तो खुद को बड़ा कर लो। गिलास मत बने रहो, झील बन जाओ।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें