अगर टाल पाता, तो वह मां के साथ मंदिर न जाता। वह मां के साथ कार से उतरा और मां को पंक्ति में खड़ा करके खुद कार के पास आकर खड़ा हो गया। थोड़ी देर बाद एक युवक उसके पास आया। वह लिबास से पुजारी जैसा लग रहा था। युवक ने उससे पूछा, मंदिर में भगवान की पूजा करनी है?
पढ़ें, इन देवी देवताओं के मंदिर को देखकर चकरा जाएंगे
हां, मेरी मां को करनी है। मगर भीड़ बहुत है। युवक ने कहा, पर साथ ही मुस्कराते हुए उसने पूछा कि माताजी के लिए मंदिर में जल्दी प्रवेश की कोई व्यवस्था हो सकती है? पुजारी ने थोड़ी देर कुछ सोचा और फिर कहा, एक और द्वार है मंदिर में प्रवेश के लिए। खास भक्त उधर से ही जाते हैं। फिर वह धीरे से बोला, हजार रुपये फीस है प्रवेश की। वह युवक मान गया और पुजारी के साथ मंदिर के पीछे एक छोटे-से द्वार से अंदर प्रवेश कर गया। पांच मिनट बाद युवक पुजारी के साथ बाहर आया।
पढ़ें,हथेली की यह रेखाएं बताती हैं कैसे और कितने धनवान बनेंगे
उस युवक ने पुजारी से कहा, आपने मुझे इतनी जल्दी ईश्वर के दर्शन करवा दिए, इसके लिए मैं आपको हजार रुपये देता हूं। मगर मैं आपको पच्चीस हजार रुपये तक दे सकता हूं, अगर आप भगवान को बाहर लाकर मेरी मां को दर्शन और विशेष पूजन करवा दें। यह सुनकर पुजारी ने कहा, आखिर भगवान कैसे बाहर आ सकते हैं?
उस युवक ने जवाब दिया, क्यों नहीं आएंगे? आप जब भक्तों को भीतर ले जाकर भगवान के दर्शन करवा रहे हैं, तो भगवान को बाहर लाकर क्यों नहीं दर्शन करवा पाएंगे। चलिए पांच लाख रुपये ले लीजिए, मगर शर्त यही है कि भगवान को घर लाकर दर्शन करवा दीजिए। पुजारी यह सुनकर हक्का-बक्का रह गया।