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Vaishakh Month 2025 Vrat and Tyohar List: वैशाख माह में आएंगे ये प्रमुख व्रत और त्योहार, यहां देखें पूरी लिस्ट

Sun, 13 Apr 2025 10:32 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Vaishakh Vrat Festival: वैशाख मास में भगवान विष्णु की विशेष रूप से आराधना की जाती है। इसी मास में भगवान बुद्ध और भगवान परशुराम का जन्म भी हुआ था, जिससे इस माह की धार्मिक महत्ता और अधिक बढ़ जाती है। यह समय तप, सेवा और आत्मशुद्धि का होता है, जहां  व्यक्ति अपने भीतर झांककर आध्यात्मिक उन्नति की राह पर बढ़ता है।
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वैशाख माह के व्रत त्योहार - फोटो : adobe stock
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विस्तार
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Vaishakh Month 2025 Vrat and Tyohar List : हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख माह का शुभारंभ इस वर्ष 13 अप्रैल 2025 से हो रहा है। यह मास हिंदू नववर्ष का दूसरा महीना है, जो आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र और पुण्यदायक माना जाता है। मान्यता है कि इस महीने में पूजा-पाठ, व्रत और दान करने से न सिर्फ सारे कष्ट दूर होते हैं, बल्कि जीवन में सुख, समृद्धि और शांति भी आती है।

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वैशाख मास में भगवान विष्णु की विशेष रूप से आराधना की जाती है। इसी मास में भगवान बुद्ध और भगवान परशुराम का जन्म भी हुआ था, जिससे इस माह की धार्मिक महत्ता और अधिक बढ़ जाती है। यह समय तप, सेवा और आत्मशुद्धि का होता है, जहां  व्यक्ति अपने भीतर झांककर आध्यात्मिक उन्नति की राह पर बढ़ता है। इस महीने में वरुथिनी एकादशी, अक्षय तृतीया, सीता नवमी और नृसिंह जयंती जैसे अनेक शुभ पर्व आते हैं, जो जीवन को धार्मिक ऊर्जा से भर देते हैं। 
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वैशाख माह के व्रत त्योहार - फोटो : freepik
वैशाख माह का धार्मिक महत्व 
भारतीय परंपरा में समय को केवल तिथियों और महीनों में नहीं बांटा गया, बल्कि हर महीने को एक आध्यात्मिक अवसर माना गया है। इन्हीं महीनों में वैशाख का स्थान सबसे ऊंचा बताया गया है। वैशाख माह में भगवान विष्णु की आराधना विशेष फलदायी मानी जाती है। साथ ही यह भी माना जाता है कि भगवान बुद्ध और भगवान परशुराम का जन्म भी वैशाख मास में ही हुआ था। यही कारण है कि यह मास धर्म, करुणा और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। जिस प्रकार सतयुग को युगों का सबसे पवित्र काल माना गया है, वेदों को समस्त ज्ञान का मूल कहा गया है, और गंगा को समस्त नदियों में सर्वोच्च स्थान प्राप्त है, उसी तरह वैशाख को महीनों में सबसे पुण्यदायक माना गया है। इस मास में किया गया प्रत्येक पुण्यकर्म, चाहे वह एक लोटा जल अर्पण हो, एक मुट्ठी अन्न का दान हो, या एक मन से बोला गया 'हरि' नाम सब हजार गुना फल देने वाला कहा गया है। ऐसा विश्वास है कि वैशाख में सूर्योदय के समय गंगाजल से स्नान करने, तुलसी में दीपक जलाने, और गरीब को भोजन कराने से जन्मों के पाप भी नष्ट हो सकते हैं।
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वैशाख माह के व्रत त्योहार - फोटो : adobe stock
वैशाख माह के व्रत-त्योहार
14 अप्रैल     मेष संक्रांति 
16 अप्रैल     संकष्टी गणेश चतुर्थी
18 अप्रैल     गुड फ़्राइडे
20 अप्रैल     ईस्टर
21 अप्रैल     कालाष्टमी
24 अप्रैल     वरुथिनी एकादशी
25 अप्रैल     प्रदोष व्रत
26 अप्रैल     मास शिवरात्रि
27 अप्रैल     वैशाख अमावस्या अमावस्या
29 अप्रैल     परशुराम जयंती
30 अप्रैल     रोहिणी व्रत , अक्षय तृतीया
01 मई     वरद चतुर्थी 
03 मई     गंगा सप्तमी
05 मई     बगलामुखी जयंती , दुर्गाष्टमी व्रत
06 मई     सीता नवमी
08 मई     मोहिनी एकादशी
09 मई     प्रदोष व्रत , परशुराम द्वादशी
11 मई     नृसिंह जयंती 
12 मई     चैत्र पूर्णिमा , बुद्ध पूर्णिमा 


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
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