Somvati Amavasya 2024: हर माह में आने वाली अमावस्या तिथि को सभी दिनों में विशेष माना जाता है। इस दिन पितरों की आत्मा शांति के लिए पूजा पाठ से जुड़े कार्य किए जाते हैं, जिससे पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार पितरों को प्रसन्न और उनका आशीर्वाद पाने के लिए अमावस्या तिथि पर स्नान, दान से जुड़े कार्य करने चाहिए। साल में 12 अमावस्याएं मनाई जाती हैं, जिनमें भाद्रपद माह की अमावस्या तिथि को सबसे खास माना जाता है। इस दिन पितरों का तर्पण और पिंडदान करने से पुण्य फलों की प्राप्ति होती हैं।
पंचांग के अनुसार इस बार भाद्रपद अमावस्या 2 सितंबर 2024 को है। इस दिन सोमवार पड़ने की वजह से इसे सोमवती अमावस्या कहा जाएगा। कुछ क्षेत्रों में इसे भादो अमावस्या या भादी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन पूजा का विशेष महत्व होता है, इसलिए उसे सपूंर्ण विधि से करना चाहिए। ऐसे में आइए पूजा विधि के बारे में जान लेते हैं।