Shattila Ekadashi 2022: हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक माह में दो एकादशी का व्रत रखा जाता है, एक शुक्ल पक्ष में और दूसरा कृष्ण पक्ष में। माघ महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी को षटतिला एकादशी के नाम से जाना जाता है। आज षटतिला एकादशी का व्रत रखा जाएगा। माघ का महीना स्नान, दान और तप करने के लिए विशेष माह माना गया है। ऐसे में इस माह के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली षटतिला एकादशी का महत्व और भी बढ़ जाता है। षटतिला एकादशी पर भगवान विष्णु की आराधना करने और व्रत-पूजा एवं तिल दान करने से मनुष्य को सभी सुखों की प्राप्ति होती है। शास्त्रों में बताया गया है कि माघ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी समस्त पापों का नाश करती है। जितना पुण्य कन्यादान, हजारों वर्षों की तपस्या और स्वर्ण दान से मिलता है, उससे अधिक फल प्राणी को षटतिला एकादशी का व्रत करने से मिलता है। सनातन धर्म में एकादशी व्रत करने के कुछ नियम बताए गए हैं जिसका पालन करने पर पुण्य की प्राप्ति होती है।