Maa Shailputri Mantra: नवरात्रि के पहले दिन देवी दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा का विधान है। मां शैलपुत्री हिमालय राज की पुत्री हैं। देवी शैलपुत्री की पूजा करने से व्यक्ति को सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
Maa Shailputri Mantra: आज 15 अक्तूबर से मां आदिशक्ति की उपासना का पावन पर्व नवरात्रि शुरू हो रही है। इसका समापन 24 अक्तूबर को हो रहा है। नवरात्रि के नौ दिनों मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। पहले दिन देवी दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा का विधान है। मां शैलपुत्री हिमालय राज की पुत्री हैं। देवी शैलपुत्री की पूजा करने से व्यक्ति को सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। मां दुर्गा का ये स्वरूप चंद्रमा को दर्शाता है। कहा जाता है कि उनकी उपासना से चंद्रमा के बुरे प्रभाव निष्क्रिय हो जाते हैं। पूजा के साथ ही मां शैलपुत्री के मंत्रों का जाप करने से जातक को सभी समस्याओं से मुक्ति मिलती है और जीवन में खुशियां आती हैं। ये रहे मां शैलपुत्री के चमत्कारी मंत्र...
3- या देवी सर्वभूतेषु माँ शैलपुत्री रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:॥
मां शैलपुत्री के मंत्र जपने से होते हैं लाभ
मां शैलपुत्री वृषभ पर सवार होती हैं। इनके दाहिने हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल का पुष्प होता है। इनके मंत्रों का जाप करने से व्यक्ति के जीवन में स्थिरता आती है। मां शैलपुत्री चंद्रमा को दर्शाती हैं। इसलिए इनकी पूजा और मंत्र जाप से चंद्रमा संबंधित दोष भी दूर हो जाते हैं।
मां शैलपुत्री को लगाएं ये भोग
मां दुर्गा के इस स्वरूप को शैल के समान यानी सफेद वस्तुएं प्रिय हैं। ऐसे में मां को सफेद वस्त्रों के साथ भोग में भी सफेद मिष्ठान और घी अर्पित किए जाते हैं। इससे माता रानी प्रसन्न होती हैं।