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Shardiya Navratri 2023: शक्ति उपासना का महापर्व नवरात्रि आरंभ, जानिए कलश स्थापना शुभ मुहूर्त, पूजाविधि और नियम

Sun, 15 Oct 2023 05:24 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

नवरात्रि की शुरुआत घट स्थापना के साथ होती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कलश स्थापना हमेशा अभिजीत मुहूर्त और प्रतिपदा तिथि में करना ही शुभ माना गया है। इस बार 15 अक्तूबर को अभिजीत मुहूर्त प्रातः 11:38 मिनट सें शुरू हो रहा है और दोपहर 12:23 मिनट तक रहेगा।
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Shardiya Navratri 2023 - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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Happy Shardiya Navratri 2023: देवी दुर्गा का नौ दिवसीय पर्व आज 15 अक्तूबर को घट स्थापना के साथ शुरू हो रहा है। जिसमें हम परब्रह्म शक्ति की उपासना करके स्वयं को और अपने परिवार को दैहिक, दैविक और भौतिक तापों से मुक्ति दिला सकते हैं। देवी भागवत के अनुसार दुर्गा ही ब्रह्मा, विष्णु और महेश के रूप में सृष्टि का सृजन,पालन और संहार करती हैं। भगवान शिव के कहने पर रक्तबीज शुंभ-निशुंभ,मधु-कैटभ आदि दानवों का संहार करने के लिए देवी पार्वती ने असंख्य रूप धारण किए किंतु देवी के प्रमुख नौ रूपों(माँ शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी, सिद्धिदात्री) की पूजा-अर्चना की जाती है।

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happy shardiya navratri 2023 - फोटो : amarujala
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त 2023
नवरात्रि की शुरुआत घट स्थापना के साथ होती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कलश स्थापना हमेशा अभिजीत मुहूर्त और प्रतिपदा तिथि में करना ही शुभ माना गया है। इस बार 15 अक्तूबर को अभिजीत मुहूर्त प्रातः 11:38 मिनट से शुरू हो रहा है और दोपहर 12:23 मिनट तक रहेगा। इसके उपरांत 12:24 मिनट से वैधृति योग शुरू हो जाएगा। ऐसे में इस बार शारदीय नवरात्रि में कलश स्थापना के लिए मात्र 45 मिनट का ही शुभ मुहूर्त है।
 

Shardiya Navratri - फोटो : अमर उजाला
नवरात्रि में ऐसे करें देवी की पूजा
नवरात्रि के दिन सुबह घर को साफ-सुथरा करके मुख्य द्वार के दोनों तरफ स्वास्तिक बनाएं और सुख-समृद्धि के लिए दरवाजे पर आम या अशोक के ताज़े पत्तों का तोरण लगाएं। मान्यता है कि माता की पूजा के दौरान देवी के साथ तामसिक शक्तियां भी घर में प्रवेश करती हैं,लेकिन मुख्यद्वार पर बंदनवार लगी होने के कारण तामसिक शक्तियां घर के बाहर ही रहती हैं। इस दिन सुबह स्नानादि करके माता दुर्गा की मूर्ति या तस्वीर को लकड़ी की चौकी या आसन पर स्वास्तिक का चिन्ह बनाकर स्थापित करना चाहिए।

मां दुर्गा की मूर्ति के बाईं तरफ श्री गणेश की मूर्ति रखें।उसके बाद माता के समक्ष मिट्टी के बर्तन में जौ बोएं,जौ समृद्धि व खुशहाली का प्रतीक माने जाते हैं। माँ की आराधना के समय यदि आपको कोई भी मन्त्र नहीं आता हो तो केवल दुर्गा सप्तशती में दिए गए नवार्ण मंत्र 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विच्चे' से पूजा कर सकते हैं व यही मंत्र पढ़ते हुए पूजन सामग्री अर्पित करें। माता शक्ति का यह मन्त्र अमोघ है। संभव हो तो देवी को श्रृंगार का सामान और नारियल-चुन्नी जरुर चढ़ाएं ।अपने पूजा स्थल से दक्षिण-पूर्व की तरफ घी का दीपक जलाते हुए 'ॐ दीपो ज्योतिः परब्रह्म दीपो ज्योतिर्र जनार्दनः। दीपो हरतु में पापं पूजा दीप नमोस्तुते' यह मंत्र पढ़ें और आरती करें। देवी माँ की पूजा में शुद्ध देसी घी का अखंड दीप जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है,नकारात्मक ऊर्जाएं नष्ट होती हैं,रोग एवं क्लेश दूर होकर सुख-समृद्धि आती है।  

Shardiya Navratri 2023 - फोटो : amar ujala
शारदीय नवरात्रि पूजा- विधि और नियम
धर्मग्रंथों के अनुसार कलश को सुख-समृद्धि, वैभव और मंगल कामनाओं का प्रतीक माना गया है। इसमें सभी ग्रह,नक्षत्रों एवं तीर्थों का वास होता है। इनके आलावा ब्रह्मा,विष्णु,रूद्र,सभी नदियों, सागरों,सरोवरों एवं तेतीस कोटि देवी-देवता कलश में विराजमान होते हैं। वास्तु के अनुसार ईशान कोण(उत्तर-पूर्व) जल एवं ईश्वर का स्थान माना गया है और यहां सत्व ऊर्जा का प्रभाव सबसे अधिक रहता है। इसलिए पूजा करते समय माता की प्रतिमा या कलश की स्थापना इसी दिशा में करनी चाहिए। वास्तु नियमों के अनुसार माता की पूजा करते समय नीले और काले रंग के वस्त्र नहीं पहनने चाहिए, इन्हें अशुभ माना गया है। शक्ति अथवा किसी भी देवता की आराधना में श्रद्धा-विश्वास और समर्पण का होना अति आवश्यक है। अगर ये दोनों हैं और समर्पण भाव भी है तो आपको परमानंद की प्राप्ति होगी और सदैव माँ की कृपा बनी  रहेगी।

happy shardiya navratri 2023 - फोटो : amarujala
  • शारदीय नवरात्रि 2023 कलश/घटस्थापना मुहूर्त

शारदीय नवरात्रि 2023
 
घटस्थापना मुहूर्त 
 
अवधि
नवरात्रि 2023 अभिजीत मुहूर्त 11:38 मिनट से लेकर 12:23 मिनट तक रहेगा।  45 मिनट
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नवरात्रि 2023 - फोटो : amar ujala
  • शारदीय नवरात्रि 2023

दिन नवरात्रि दिन तिथि  पूजा-अनुष्ठान 
15 अक्तूबर 2023 नवरात्रि दिन 1 प्रतिपदा    माँ शैलपुत्री पूजा घटस्थापना
16 अक्तूबर 2023   नवरात्रि दिन 2     द्वितीया    माँ ब्रह्मचारिणी पूजा
17 अक्तूबर 2023   नवरात्रि दिन 3     तृतीया    माँ चंद्रघंटा पूजा
18 अक्तूबर 2023   नवरात्रि दिन 4  चतुर्थी    माँ कुष्मांडा पूजा
19 अक्तूबर 2023   नवरात्रि दिन 5 पंचमी    माँ स्कंदमाता पूजा
20 अक्तूबर 2023  नवरात्रि दिन 6 षष्ठी    माँ कात्यायनी पूजा
21 अक्तूबर 2023  नवरात्रि दिन 7   सप्तमी    माँ कालरात्रि पूजा
22 अक्तूबर 2023   नवरात्रि दिन 8 अष्टमी   माँ महागौरी दुर्गा महा अष्टमी पूजा
23 अक्तूबर 2023 नवरात्रि दिन 9 नवमी     माँ सिद्धिदात्री दुर्गा महा नवमी पूजा
24 अक्तूबर 2023 नवरात्रि दिन 10 दशमी     नवरात्रि दुर्गा विसर्जन, विजय दशमी
  • शारदीय नवरात्रि पर क्या करें और क्या न करें

शारदीय नवरात्रि 2023 क्या करें     क्या न करें 
नवरात्रि सात्विक भोजन, साफ़ सफाई, देवी आराधना,भजन-कीर्तन, जगराता, मंत्र,देवी आरती प्याज,लहसुन,शराब,मांस-मछली का सेवन, लड़ाई, झगड़ा, कलह, कलेश, काले कपड़े और चमड़े की चीजें न पहने, दाढ़ी,बाल और नाखून न काटें
     
  • शारदीय नवरात्रि के 9 दिनों में 9 देवियों के 9 बीज मंत्र

शारदीय नवरात्रि के दिन देवी बीज मंत्र
पहला दिन     शैलपुत्री    ह्रीं शिवायै नम:।
दूसरा दिन   ब्रह्मचारिणी    ह्रीं श्री अम्बिकायै नम:।
तीसरा दिन   चन्द्रघण्टा    ऐं श्रीं शक्तयै नम:।
चौथा दिन कूष्मांडा   ऐं ह्री देव्यै नम:।
पांचवा दिन  स्कंदमाता ह्रीं क्लीं स्वमिन्यै नम:।
छठा दिन कात्यायनी  क्लीं श्री त्रिनेत्राय नम:।
सातवाँ दिन  कालरात्रि  क्लीं ऐं श्री कालिकायै नम:।
आठवां दिन  महागौरी   श्री क्लीं ह्रीं वरदायै नम:।
नौवां दिन  सिद्धिदात्री  ह्रीं क्लीं ऐं सिद्धये नम:।
 
  • नवरात्रि के दिन के अनुसार भोग

शारदीय नवरात्रि 2023  नवरात्रि के दिन  माता का भोग
पहला दिन माँ शैलपुत्री देवी  देसी घी 
दूसरा दिन ब्रह्मचारिणी देवी शक्कर,सफेद मिठाई,मिश्री और फल
तीसरा दिन चंद्रघंटा देवी मिठाई और खीर
चौथा दिन कुष्मांडा देवी मालपुआ
पांचवां दिन स्कंदमाता देवी  केला
छठा दिन कात्यायनी देवी शहद 
सातवां दिन कालरात्रि देवी गुड़
आठवां दिन महागौरी देवी नारियल
नौवां दिन सिद्धिदात्री देवी अनार और तिल
  • शारदीय नवरात्रि 2023, घटस्थापना के लिए पूजा सामग्री

शारदीय नवरात्रि 2023 घटस्थापना के लिए पूजा सामग्री घटस्थापना के लिए पूजा सामग्री
नवरात्रि कलश
माता की फोटो
7 तरह के अनाज
मिट्टी का बर्तन 
पवित्र मिट्टी
गंगाजल 
आम या अशोक के पत्ते 
सुपारी
जटा वाला नारियल
अक्षत 
लाल वस्त्र
पुष्प
     
  • नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा से लाभ

दिन नवरात्रि दिन तिथि  पूजा-अनुष्ठान 
15 अक्तूबर 2023 नवरात्रि दिन 1 प्रतिपदा   देवी शैलपुत्री की पूजा से चंद्र दोष समाप्त होता है।
16 अक्तूबर 2023   नवरात्रि दिन 2   द्वितीया   देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा से मंगल दोष खत्म होता है।
17 अक्तूबर 2023 नवरात्रि दिन 3   तृतीया   देवी चंद्रघण्टा पूजा से शुक्र ग्रह का प्रभाव बढ़ता है। 
18 अक्तूबर 2023   नवरात्रि दिन 4  चतुर्थी   माँ कूष्माण्डा की पूजा से कुंडली में सूर्य ग्रह मजबूत होता है। 
19 अक्तूबर 2023   नवरात्रि दिन 5  पंचमी   देवी स्कंदमाता की पूजा से बुध ग्रह का दोष कम होता है।
20 अक्तूबर 2023  नवरात्रि दिन 6   षष्ठी   देवी कात्यायनी की पूजा से बृहस्पति ग्रह मजबूत होता है।
21 अक्तूबर 2023  नवरात्रि दिन 7     सप्तमी    देवी कालरात्रि की पूजा से शनिदोष खत्म होता है।
22 अक्तूबर 2023  नवरात्रि दिन 8  अष्टमी   देवी महागौरी की पूजा से राहु का बुरा प्रभाव खत्म होता है।
23 अक्तूबर 2023 नवरात्रि दिन 9 नवमी     देवी सिद्धिदात्री की पूजा से केतु का असर कम होता है।
 
       
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