Maa Kushmanda Aarti: आज यानी 29 सितंबर को नवरात्रि का चौथा दिन है। नवरात्रि के चौथे दिन मां दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कूष्मांडा की पूजा आराधना की जाती है। नवरात्रि में मां कूष्माण्डा की साधना-आराधना करने से माता अपने भक्तों को असाध्य से असाध्य रोगों से मुक्ति और अच्छी सेहत का आशीर्वाद प्रदान करती हैं। देवी कूष्मांडा रिद्धि-सिद्धि को देने वाली मां है। मां दुर्गा का ये स्वरूप अपने भक्त को आर्थिक ऊंचाईयों पर ले जाने में निरन्तर सहयोग करने वाला है। इस मां के आशीर्वाद से आर्थिक स्थितियां मजबूत होती हैं। साथ ही घर से दरिद्रता दूर होती है। देवी कूष्मांडा की आठ भुजाएं हैं इसलिए यह अष्टभुजा देवी भी कहलाती हैं। आज पूजा के साथ मां कूष्मांडा की आरती करने और मंत्र जपने से सुखों की प्राप्ति होती है। मां कूष्मांडा की आरती और मंत्र इस प्रकार है...
मां कूष्मांडा का मंत्र
सुरासम्पूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च।
दधाना हस्तपद्माभ्यां कुष्मांडा शुभदास्तु मे।
मां कूष्मांडा की आरती
कूष्मांडा जय जग सुखदानी।
मुझ पर दया करो महारानी॥
पिगंला ज्वालामुखी निराली।
शाकंबरी माँ भोली भाली॥
लाखों नाम निराले तेरे ।
भक्त कई मतवाले तेरे॥
भीमा पर्वत पर है डेरा।
स्वीकारो प्रणाम ये मेरा॥
सबकी सुनती हो जगदंबे।
सुख पहुँचती हो माँ अंबे॥
तेरे दर्शन का मैं प्यासा।
पूर्ण कर दो मेरी आशा॥
माँ के मन में ममता भारी।
क्यों ना सुनेगी अरज हमारी॥
तेरे दर पर किया है डेरा।
दूर करो माँ संकट मेरा॥
मेरे कारज पूरे कर दो।
मेरे तुम भंडारे भर दो॥
तेरा दास तुझे ही ध्याए।
भक्त तेरे दर शीश झुकाए॥
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