पांचवां सुख सुलक्षणा नारी
इंसान के जीवन में गुणवान, संस्कारी जीवनसाथी होना भी एक बड़ा सुख माना जाता है। गृहस्थ जीवन का आदर्श स्वरूप भगवान सदाशिव और माता पार्वती ही हैं। ऐसे में इस सुख की प्राप्ति के लिए शिवरात्रि के दिन भगवान शिव और गौरी का ध्यान करते हुए इस मंत्र के साथ जलाभिषेक करें -
ॐ भवानी गौर्य्ये पति सुख सौभाग्यं देहि देहि शिव शक्तयै नम: ।।
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छठा सुख शत्रुओं का नाश
जीवन के इस आपाधापी में कई बार चाहे-अनचाहे आपके तमाम शत्रु बन जाते हैं। ऐसे में महाकालेश्वर की साधना से उन शत्रुओं पर विजय पा सकते हैं। भगवान महाकाल अपने भक्तों की हर संकट से रक्षा करते हैं। शत्रु पर विजय पाने के लिए इस महामंत्र का जाप करते हए जलाभिषेक करें -
ॐ जूं स: पालय पालय स: जूं ॐ ।।
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सातवां सुख ईश्वर दर्शन
मानव जीवन की तमाम कामनाओं परमपिता परमेश्वर का दर्शन भी शामिल है। धर्म पथ पर चलते हुए अंत में प्रत्येक मनुष्य की यही कामना होती है कि वह अपने अराध्य का दर्शन पाकर मोक्ष प्राप्त करे। इस सुख की प्राप्ति करने के लिए बृहस्पतीश्वर शिव का ध्यान करते हुए इस मंत्र के साथ जलाभिषेक करें -
ॐ श्रीं नम: शिवाय ॐ श्री ।।