श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को श्रावणी पूर्णिमा कहा जाता है, जो धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र और कल्याणकारी मानी जाती है। इस दिन रक्षाबंधन, यज्ञोपवीत संस्कार और ब्राह्मणों के उपाकर्म जैसे अनेक धार्मिक कार्य होते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार यदि इस दिन कुछ विशेष उपाय श्रद्धा से किए जाएं, तो देवी-देवताओं की विशेष कृपा प्राप्त होती है। भगवान शिव, श्रीहरि विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा इस दिन विशेष फलदायी मानी जाती है।
1. भगवान शिव को अर्पित करें पंचामृत और बिल्वपत्र
श्रावणी पूर्णिमा के दिन प्रातः स्नान करके शिवलिंग पर पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल) से अभिषेक करें। इसके बाद बिल्वपत्र, सफेद पुष्प और धतूरा अर्पित करें। यह उपाय भगवान शिव की कृपा दिलाता है और समस्त बाधाओं को दूर करता है।
2. राखी बांधने से पहले भाई को दें अक्षत और रोली का तिलक
बहनें इस दिन रक्षा-सूत्र बांधने से पहले भाई को रोली और अक्षत से तिलक करें और भगवान विष्णु का ध्यान करके उसकी लंबी उम्र, सुख और सुरक्षा की प्रार्थना करें। यह रक्षाबंधन को आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करता है।
3. घर के मंदिर में जलाएं देसी घी का दीपक
श्रावण माह भगवान के सामने देसी घी का दीपक जलाएं और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” या “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जप करें। यह उपाय नकारात्मक ऊर्जा को हटाकर घर में सकारात्मकता और सुख-शांति लाता है।
4. ब्राह्मण या जरूरतमंद को दान दें वस्त्र और अन्न
श्रावणी पूर्णिमा पर दान करने का विशेष महत्व होता है। इस दिन अन्न, वस्त्र, तिल, घी, गुड़, और दक्षिणा का दान करें। इससे पितृ दोष में कमी आती है और सुखों की प्राप्ति होती है।
5. श्री विष्णु के चरणों में अर्पित करें पीले पुष्प और तुलसी दल
श्रावणी पूर्णिमा तिथि पर भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व होता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करें और उन्हे उनकी प्रिय चीजों को भोग अर्पित करें और “ॐ विष्णवे नमः” मंत्र का जप करें इस उपाय से समृद्धि, वैवाहिक सुख और मानसिक शांति के लिए लाभकारी होता है।
6. देवी लक्ष्मी के लिए रखें चावल का कलश
पूर्णिमा तिथि पर माता लक्ष्मी की पूजा करना बहुत ही शुभ लाभकारी साबित होता है। इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा करें और पूजा स्थल पर चावल से भरे तांबे या फिर चांदी के लोटे में रखें और लगातार और “ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः” मंत्र का जप करें।
7. पवित्र नदियों में स्नान का महत्व
श्रावणी पूर्णिमा पर पवित्र नदियों में स्नान करना बहुत ही शुभ और अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। जो लोग इस दिन किसी पवित्र नदीं में स्नान कर पाएं तो उनको घर पर नहाने के पाने में गंगाजल कुछ बूंदे डालकर स्नान करें। इससे पापों से मुक्ति मिलती है।