16 अप्रैल को वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की संकष्टी चतुर्थी मनाई जाएगी। इस दिन बुधवार का संयोग भी है, जो भगवान गणेश को समर्पित वार माना गया है। चतुर्थी और बुधवार दोनों ही श्रीगणेश की उपासना के श्रेष्ठ दिन है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विधिपूर्वक किए गए उपायों से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं, घर में समृद्धि आती है और कार्यों में निर्भीकता के साथ सफलता प्राप्त होती है।
1. गणेश जी को अर्पित करें दूर्वा और मोदक
संकष्टी चतुर्थी पर प्रातः स्नान के बाद भगवान गणेश की पूजा करें और उन्हें 21 दूर्वा के गुच्छे अर्पित करें। साथ ही मोदक का भोग लगाएं। ऐसा करने से घर की सभी विघ्न-बाधाएं समाप्त होती हैं और सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
2. “संकटनाशन स्तोत्र” या “गणपति अथर्वशीर्ष” का पाठ करें
इस दिन संकटनाशन गणेश स्तोत्र या गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ अवश्य करें। यह पाठ मन से भय और तनाव को दूर करता है तथा कार्यों में मनोबल और आत्मविश्वास की वृद्धि करता है। साथ ही भगवान गणेश की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
3. गाय को खिलाएं दूब और गुड़
बुधवार और चतुर्थी के दिन गाय को हरी दूब और गुड़ खिलाना शुभ माना जाता है। इससे घर में शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। साथ ही पारिवारिक जीवन में भी सामंजस्य बना रहता है।
4. मुख्य द्वार पर लगाएं श्रीगणेश यंत्र
संकष्टी चतुर्थी के दिन घर के मुख्य द्वार पर पीले कपड़े में लपेटा हुआ श्री गणेश यंत्र स्थापित करें। इससे नकारात्मक शक्तियों का प्रवेश रुकता है और घर में सुख, शांति और उन्नति का वातावरण बनता है।
5. चंद्रमा को अर्घ्य दें
इस दिन शाम को चंद्रोदय के समय तांबे के लोटे में जल, अक्षत, मिश्री और चंदन डालकर चंद्रमा को अर्घ्य देना शुभ होता है। इससे मानसिक शांति मिलती है और कार्यों में निरंतर प्रगति होती है। यह उपाय विशेष रूप से नौकरी और व्यवसाय से जुड़ी बाधाओं को दूर करता है।
6. गणेश जी को अर्पित करें पांच फल
भगवान गणेश को पांच प्रकार के फल-सेब, अनार, केला, नारियल और अमरूद अर्पित करें। साथ ही “सर्वविघ्न विनाशाय नमः” मंत्र का जाप करें। यह उपाय जीवन की हर दिशा में उन्नति दिलाने वाला माना गया है।
7. गणेश चालीसा का पाठ और दीपदान करें
संध्या के समय गणेश चालीसा का पाठ करें और मंदिर या घर के पूजास्थल पर घी का दीपक जलाकर भगवान को अर्पित करें। इसके अतिरिक्त किसी चौराहे या पीपल के वृक्ष के नीचे दीपदान करने से भी बाधाएं शांत होती हैं और आत्मबल बढ़ता है।इस दिन किए गए ये उपाय न केवल जीवन में शुभता लाते हैं बल्कि आत्मविश्वास को भी दृढ़ करते हैं, जिससे सभी कार्य निर्भीकता के साथ पूर्ण होते हैं।