ज्योतिष विज्ञान के अनुसार, पुष्य नक्षत्र को खरीदारी के लिए बेहद शुभ और सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त माना जाता है। यह नक्षत्र दिवाली के सात दिन पहले बन रहा है। इस बार शनिवार 7 नवंबर और रविवार 8 नवंबर को पुष्य नक्षत्र का योग बन रहा है। इस दिन शुभ कार्य, पूजा और घर के इससे पहले शुभ कार्य, पूजा और घर के उपयोगी सामान के साथ नए वाहन और आभूषण की खरीदारी को श्रेष्ठ माना गया है। आइए जानते हैं इस दिन खरीदारी का शुभ मुहूर्त।
इस मुहूर्त में होते हैं सिद्ध कार्य
मुहूर्त ग्रंथों के अनुसार दिन-रात्रि के मध्य 30 मुहूर्त होते हैं जिनमें कई मुहूर्त ऐसे भी रहते हैं जिसमें कोई भी आवश्यक कार्य संपन्न किया जा सकता है किंतु, वार और नक्षत्र के संयोग से भी कई ऐसे अतिशुभ योग बनते हैं जिनमें कोई भी बड़े से बड़ा कार्य आरंभ करके, नए अनुबंधों पर हस्ताक्षर करके, मंत्र अनुष्ठान, औषधीय कार्य, आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी करके तथा जमीन-जायदाद आदि का क्रय करके सभी मनोरथ सिद्ध किये जा सकते हैं।
पुष्य नक्षत्र है सर्वश्रेष्ठ
ज्योतिष शास्त्र में सभी सत्ताईस नक्षत्रों में 'पुष्य' नक्षत्र को सर्वश्रेष्ठ माना गया है, यद्यपि अभिजीत मुहूर्त को नारायण के 'चक्रसुदर्शन' के समान शक्तिशाली बताया गया है फिर भी इस नक्षत्र के संयोग से बनने वाले शुभ योगों का प्रभाव अन्य योगों की तुलना में श्रेष्ठ माना गया है क्योंकि यह नक्षत्र सभी अरिष्टों का नाशक और सर्व दिग्गामी है।
शुभ मुहूर्त
शनिवार सुबह 8:04 बजे से रविवार सुबह 8:44 बजे तक। यह पुष्य नक्षत्र 24 घंटों का है। इस दौरान खरीदारी करने से घर में सुख और समृद्धि आती है।
7-8 नवंबर को बन रहे हैं ये शुभ योग
शनिवार को त्रिपुष्कर योग है। इसके साथ ही रविवार को रवि पुष्यामृत योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और रवियोग बन रहा है।