देशभर में राम नवमी का पर्व मनाया जा रहा है। वाल्मीकि रामायण के अनुसार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि, अभिजीत मुहूर्त और कर्क लग्न में भगवान राम का जन्म हुआ था। राम नवमी का त्योहार चैत्र नवरात्रि का आखिरी दिन होता है। इस दिन देशभर में बड़े ही धूमधाम के साथ राम नवमी का त्योहार मनाया जाता है। राम नवमी पर मंदिरों को विशेष रूप से सजाया जाता है। इस बार राम नवमी का त्योहार बहुत ही शुभ योग में मनाया जा रहा है। आइए जानते हैं इस साल राम नवमी पर कौन-कौन से शुभ योग बन रहे हैं।
राम नवमी 2024 शुभ योग
चैत्र नवरात्रि के आखिरी दिन यानी चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को राम नवमी का त्योहार बड़े ही उत्साह और भक्ति भाव के साथ मनाया जाएगा। इस वर्ष चैत्र नवरात्रि पर बहुत ही शुभ योग का निर्माण हुआ है। हिंदू पंचांग के अनुसार इस बार राम नवमी के दिन आश्लेषा नक्षत्र, रवि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। राम नवमी पर सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 05 बजकर 16 मिनट से लेकर 06 बजकर 08 मिनट तक रहेगा। वहीं पूरे दिन रवि योग का संयोग बनेगा। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में रवि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग को बहुत ही शुभ योग माना गया है। इन योगों में पूजा और शुभ कार्य करने पर सभी तरह के फलों की प्राप्ति होती है। रवि योग में सूर्य का प्रभाव रहने के कारण व्यक्ति को कई तरह के कष्टों से मुक्ति मिलती है।
कर्क लग्न- इस बार राम नवमी पर चंद्रमा कर्क राशि में मौजूद रहेगा। आपको बता दें कि भगवान विष्णु के सातवें अवतार प्रभु राम का जन्म कर्क लग्न में ही हुआ था।
गजकेसरी योग- 17 अप्रैल को गजकेसरी योग का भी प्रभाव रहेगा। भगवान राम के जन्म के समय भी उनकी कुंडली में गजकेसरी योग का शुभ संयोग था। ज्योतिष शास्त्र में गजकेसरी योग को बहुत ही शुभ माना जाता है। इस योग के प्रभाव से व्यक्ति के जीवन में मान-सम्मान और यश की प्राप्ति होती है।
राम नवमी पर सूर्य की स्थिति- शास्त्रों के अनुसार भगवान राम के जन्म के समय सूर्य दशम भाव में मौजूद होकर अपनी उच्च राशि में स्थिति थे। इस वर्ष 17 अप्रैल को राम नवमी पर सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में विराजमान होकर दशम भाव में होंगे।
शुभ मुहूर्त में करें भगवान राम की पूजा
नवमी तिथि प्रारम्भ- 16 अप्रैल 2024 को दोपहर 01 बजकर 23 मिनट तक।
नवमी तिथि समाप्त- 17 अप्रैल 2024 को दोपहर 03 बजकर 14 मिनट तक।
अभिजीत मुहूर्त - इस दिन अभिजीत मुहूर्त नहीं रहेगा।
विजय मुहूर्त- दोपहर 02 बजकर 34 मिनट से 03 बजकर 24 मिनट तक।
गोधूलि मुहूर्त - शाम 06 बजकर 47 मिनट से 07 बजकर 09 मिनट तक।
राम नवमी 2024 पूजा विधि
- राम नवमी पर सुबह ब्रह्रा मुहूर्त में उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे कपड़े पहनकर पूजा का संकल्प लें।
- पूजा स्थल पर सीता-राम का नाम जपते हुए सभी तरह के पूजा सामग्रियों को एकत्रित करें।
- फिर इसके बाद शुभ मुहूर्त में भगवान राम की प्रतिमा को स्थापित करते हुए दूध में केसर मिलाकर अभिषेक करें।
- इसके बाद भगवान राम और माता सीता को फूल, माला, चंदन और अक्षत आदि को चढ़ाएं।
- फिर भगवान राम की प्रतिमा के सामने घी का दीपक और धूप जलाकर रामचरितमानस का पाठ करें।
- अंत में विधि-विधान के साथ आरती करके प्रसाद का वितरण करें।