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Ram Navami 2024: राम नवमी आज, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और महत्व

Wed, 17 Apr 2024 05:34 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

राम नवमी पर प्रभु श्रीराम की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त का समय 17 अप्रैल को सुबह 11 बजकर 03 मिनट से लेकर दोपहर 01 बजकर 38 मिनट तक रहेगा।
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Ram navami 2024: राम नवमी का त्योहार हिंदुओं का एक प्रमुख त्योहार होता है - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Ram Navami 2024: आज रामनवमी है। हिंदू धर्म में राम नवमी के त्योहार का विशेष महत्व होता है। वैदिक पंचांग के अनुसार हर वर्ष चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को राम नवमी का त्योहार बड़े ही धूमधाम उत्साह के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी तिथि पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम का जन्म हुआ है। राम नवमी का पर्व चैत्र नवरात्रि का आखिरी दिन होता है। राम नवमी के साथ ही चैत्र नवरात्रि का समापन हो जाता है। राम नवमी पर भगवान राम की विशेष पूजा पूजा और आराधना की जाती है। इस दिन भगवान राम संग माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की पूजा की जाती है। आइए जानते हैं राम नवमी की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और कथा। 
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राम नवमी तिथि 2024
वैदिक पंचांग की गणना के अनुसार, चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि की शुरुआत 16 अप्रैल को दोपहर 01 बजकर 23 मिनट से शुरू हो जाएगी। नवमी तिथि का समापन 17 अप्रैल को दोपहर 03 बजकर 15 मिनट पर होगा। ऐसे में उदयातिथि के आधार पर राम नवमी का त्योहार 17 अप्रैल 2024 को मनाया जा जाएगा। 

राम नवमी शुभ मुहूर्त 2024
इस वर्ष राम नवमी पर प्रभु श्रीराम की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त का समय 17 अप्रैल को सुबह 11 बजकर 03 मिनट से लेकर दोपहर 01 बजकर 38 मिनट तक रहेगा। इस तरह से राम नवमी पर पूजा के लिए कुल 2 घंटे और 35 मिनट का समय मिलेगा। 
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राम नवमी मध्याह्र का समय- 12: 20
विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 34 मिनट से लेकर 03 बजकर 24 मिनट तक।
गोधूलि मुहूर्त- शाम 06 बजकर 47 मिनट से 07 बजकर 09 मिनट तक।

राम नवमी पूजा विधि 2024
राम नवमी का त्योहार हिंदुओं का एक प्रमुख त्योहार होता है, जिसे देश-दुनिया में बहुत श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया जाता है। राम नवमी के दिन सबसे पहले सुबह जल्दी उठकर स्नान करके पवित्र होकर और साफ-सुथरे कपड़े धारण करें। फिर इसके बाद पूजा स्थल की सफाई करें। हाथ में अक्षत लेकर व्रत करने का संपल्प लें फिर भगवान राम की पूजा-अर्चना पूजन सामग्री के साथ आरंभ करें। सबसे पहले भगवान राम, माता सीता, भाई लक्ष्मण और भगवान हनुमान की प्रतिमा को स्थापित करें और सबको रोली, चंदन, धूप, फूल, माला, इत्र आदि से षोडशोपचार पूजन करें। फिर इसके बाद भगवान राम की पूजा में कई तरह फल, मिष्ठान, फूल और गंगाजल का इस्तेमाल करें। भगवान राम की पूजा में तुलसी के पत्तों और कमल के फूल का प्रयोग अवश्य करें। इसके बाद अपनी इच्छा के अनुसार रामचरितमानस, रामायण और रामरक्षास्तोत्र का पाठ करें। अंत में भगवान राम, माता सीता और हनुमान जी की आरती करते हुए पूजा संपन्न करें। पूजा के बाद सभी प्रसाद वितरित करें। 

राम नवमी का महत्व 
राम नवमी का त्योहार हर साल बड़े ही उत्साह और भक्तिभाव के साथ पूरे देश में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान राम विष्णु के सातवें अवतार के रूप में जन्म लिया था। वैदिक पंचांग के अनुसार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को भगवान राम का जन्म अयोध्या के राजा दशरथ के यहां बड़े पुत्र के रूप में लिया था। धार्मिक मान्यता के अनुसार राम का जन्म रावण के वध के लिए हुआ था। इस कारण से हर साल राम नवमी का पर्व भगवान राम के जन्म दिवस के रूप में बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाता है। 

वैदिक पंचांग के अनुसार राम नवमी का त्योहार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को पड़ता है और यह चैत्र नवरात्रि का आखिरी दिन भी होता है। पूरे देश में इस दिन शक्ति की आराधना के साथ राम नवमी का त्योहार बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जा जाता है। देशभर इस दिन जगह-जगह धार्मिक जुलूस भी निकाले जाते हैं। राम नवमी के दिन मंदिरों में सुबह से लेकर शाम तक भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। इस पूरे दिन उपवास रखकर मर्यादा पुरुषोत्तम के जीवन से सीख लिया जाता है। सूर्यास्त के बाद व्रत का पारण करते हुए समापन किया जाता है।
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