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Raksha Bandhan 2025: 3 साल बाद बना बेहद शुभ योग, इस बार पूरे दिन बहनें बांध सकेंगी राखी

Fri, 25 Jul 2025 05:16 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

इस बार रक्षाबंधन का पर्व बेहद खास रहने वाला है। 9 अगस्त 2025 को पूरे दिन राखी बांधने के लिए शुभ समय रहेगा, क्योंकि भद्राकाल का साया नहीं रहेगा।
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रक्षा बंधन - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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Raksha Bandhan 2025: रक्षाबंधन का पर्व इस बार 9 अगस्त 2025 को पूरे देश में उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। खास बात यह है कि इस बार रक्षाबंधन पर भद्राकाल का साया नहीं रहेगा, यानी बहनें सुबह से लेकर शाम तक कभी भी अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांध सकेंगी। पिछले तीन वर्षों से भद्रा की वजह से राखी बांधने में देरी होती रही थी, लेकिन इस बार पूरा दिन शुभ और मंगलकारी रहेगा। ऐसे में यह रक्षाबंधन न केवल रिश्तों को और मजबूत करेगा, बल्कि एक विशेष संयोग के चलते यादगार भी बन जाएगा।

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रक्षा बंधन - फोटो : Amar Ujala
भद्रा काल कब?
इस बार रक्षाबंधन का पर्व बेहद खास रहने वाला है। 9 अगस्त 2025 को पूरे दिन राखी बांधने के लिए शुभ समय रहेगा, क्योंकि भद्राकाल का साया नहीं रहेगा। पूर्णिमा पर आमतौर पर भद्रा रहती है और भद्राकाल में कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है। पिछले तीन साल से यही कारण रहा कि बहनों को राखी बांधने के लिए रात तक इंतजार करना पड़ा। लेकिन इस बार भद्रा 8 और 9 अगस्त की मध्यरात्रि के बाद समाप्त हो जाएगी, जिससे 9 अगस्त को रक्षाबंधन का पूरा दिन शुभ रहेगा।

राखी बांधने का शुभ मुहूर्त - फोटो : Amar Ujala
राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
अब आइए जानते हैं कि राखी बांधने का शुभ मुहूर्त क्या है? रक्षाबंधन के दिन यानी 9 अगस्त 2025 दिन शनिवार को राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 47 मिनट से शुरू होकर दोपहर 1 बजकर 24 मिनट तक रहेगा।
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कौन से शुभ योग - फोटो : Freepik
कौन से शुभ योग
इस बार रक्षाबंधन पर ग्रहों की स्थिति बेहद अनुकूल रहेगी। आमतौर पर पूर्णिमा के दिन भद्रा की उपस्थिति होती है, जो शुभ कार्यों में बाधा मानी जाती है। भद्रा, सूर्य देव की पुत्री और शनि देव की बहन मानी जाती हैं, और उनका वास कभी पृथ्वी, कभी पाताल और कभी स्वर्ग लोक में होता है।
जब भद्रा का वास पृथ्वी पर होता है, तो वह अशुभ मानी जाती है और ऐसे समय में राखी बांधना वर्जित होता है। यही कारण है कि पिछले वर्षों में रक्षाबंधन के दिन भद्रा दोष के कारण बहनों को समय विशेष तक इंतजार करना पड़ा। लेकिन इस बार अच्छी खबर यह है कि भद्रा 8 और 9 अगस्त की मध्यरात्रि में ही समाप्त हो जाएगी, जिससे 9 अगस्त को पूरा दिन राखी बांधने के लिए शुभ रहेगा। इतना ही नहीं, इस रक्षाबंधन पर सर्वार्थ सिद्धि योग, श्रवण और धनिष्ठा नक्षत्र का दुर्लभ संयोग भी बन रहा है, जो इस पर्व को और अधिक मंगलकारी और फलदायी बना देगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इन योगों में किए गए कार्य शुभ फलदायी होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि लाते हैं। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 22 मिनट से 5 बजकर 04 मिनट तक और अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 17 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा।




डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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