1. पीपल के वृक्ष की पूजा करें
पुत्रदा एकादशी के दिन सुबह स्नान के बाद पीपल के वृक्ष की जड़ में जल अर्पित करें और दीपक जलाएं। वृक्ष की सात परिक्रमा करते हुए "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का 108 बार जाप करें। इससे संतान संबंधी बाधाएं दूर होती हैं।
2. पीली वस्तु का दान करें
इस दिन भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए पीले वस्त्र, पीली मिठाई (बेसन के लड्डू), हल्दी, चना दाल या केले का दान किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को करें। पीला रंग विष्णु का प्रिय माना गया है और यह संतान सौभाग्य की वृद्धि करता है एवं संतान के कष्टों को दूर करने में सहायक होता है।
3. शंख, तुलसी और चंदन अर्पित करें
भगवान विष्णु की प्रतिमा पर शंख, तुलसीदल और चंदन का लेप करें। यह उपाय न केवल पूजन को पूर्ण बनाता है, बल्कि वैवाहिक जीवन में सामंजस्य लाकर संतान सुख की कामना की पूर्ती में सहायक बनता है।
Kajari Teej 2025: कजरी तीज पर माता पार्वती को ये चीजें अर्पित करें, मिलेगा खंड सौभाग्य का आशीर्वाद
4. संतान गोपाल मंत्र का जाप करें
संतान प्राप्ति के लिए "ॐ देवकीसुत गोविंद वासुदेव जगत्पते। देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः॥" मंत्र का जाप करना चाहिए। यह मंत्र भगवान कृष्ण से संतान प्राप्ति की प्रार्थना के लिए है।
इस मंत्र का पुत्रदा एकादशी के दिन 108 बार जाप करें। यह संतान प्राप्ति की दिशा में अत्यंत प्रभावशाली उपाय है।
5. संतानवती स्त्रियों को वस्त्र और फल का दान करें
सात संतानवती महिलाओं को वस्त्र, फल, और मिठाई भेंट करके आशीर्वाद लें। यह उपाय विशेष रूप से शास्त्रों में वर्णित है और संतान प्राप्ति में सहायक माना गया है।
Putrada Ekadashi 2025: पुत्रदा एकादशी पर करें तुलसी से जुड़ा यह उपाय, कर्ज-रोग से मिलेगी राहत
6. वटवृक्ष के नीचे दीपदान करें
शाम के समय वटवृक्ष (बरगद) के नीचे तिल के तेल का दीपक जलाएं और विष्णु चालीसा का पाठ करें। मान्यता है कि यह उपाय संतान की लंबी आयु और उनकी रक्षा के लिए अत्यंत फलदायक होता है।
7. पति-पत्नी मिलकर व्रत और कथा श्रवण करें
पति-पत्नी दोनों पुत्रदा एकादशी का व्रत रखें, पूजन करें और भगवान विष्णु की व्रतकथा का श्रवण करें। यह दिन संयम, ब्रह्मचर्य और सात्विक आचरण का पालन करने के लिए श्रेष्ठ माना गया है, जिससे संतान सुख की प्राप्ति का मार्ग खुलता है।