Raksha Bandhan 2025: 09 अगस्त को देशभर में रक्षाबंधन का पवित्र त्योहार मनाया जाएगा। यह पर्व हिंदू पंचांग के अनुसार हर वर्ष श्रावण माह की पूर्णिमा तिथि को बड़े ही धूम-धाम के साथ मनाया जाता है। रक्षाबंधन के त्योहार का बेसब्री से बहनों को इंतजार होता है। इसमें बहनें अपने भाईयों की कलाई पर राखी बांधती हैं। बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के साथ उनके माथे पर तिलक करती हैं और आरती उतारते हुए जीवन की मंगलकामनाएं मांगती हैं। शास्त्रों के अनुसार अच्छे मुहूर्त, भद्रारहित काल में राखी बांधना और वास्तु के नियमों के अनुसार रक्षाबंधन का पर्व मनाना बहुत ही शुभ होता है। आइए जानते हैं रक्षाबंधन पर वास्तु के किन-किन नियमों का पालन करना चाहिए।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पुरुषों और अविवाहित कन्याओं को दाएं हाथ में रक्षासूत्र बाँधना चाहिए वहीं विवाहित स्त्रियों के लिए बाएं हाथ में राखी बाँधने का विधान है। भाइयों को राखी बंधवाते समय उस हाथ की मुट्ठी को बंद रखकर दूसरा हाथ सिर पर रखना चाहिए। वास्तु शास्त्र में काले रंग को औपचारिकता, बुराई, नीरसता और नकारात्मक ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता है, इसलिए इस दिन बहन और भाई दोनों को काले रंग के परिधान पहनने से परहेज करना चाहिए।
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