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Nag Panchami 2024: नागपंचमी के दिन घर के बाहर क्यों बनाते हैं सांप? जानें इस अनोखी परंपरा के बारे में

Wed, 07 Aug 2024 01:23 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Nag Panchami Puja Date 2024: हिंदू धर्म में गाय  के गोबर से नाग की आकृति बनाना एक प्राचीन काल से चली आ रही परंपरा है। नाग पंचमी के दिन घरों के मुख्य द्वार पर गाय के गोबर से नाग की आकृति बनाई जाती है।
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Nag Panchami 2024 - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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Nag Panchami 2024: श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस साल नाग पंचमी का पर्व 09 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। सनातन धर्म में नाग देवता भगवान भोलेनाथ के प्रिय माने जाते हैं।  इस दिन विशेष रूप से नाग देवता की पूजा की जाती है। ऐसा माना जाता है कि नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा करने से भगवान भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति को सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है। इस घर के मुख्य द्वार ओर गाय के गोबर से नाग देवता की आकृति बनाई जाती है। क्या है गोबर से बनी नाग की आकृति का महत्व और क्यों बनाई जाती है यह आकृति आइए जानते हैं। 

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नाग की आकृति बनाने का महत्व

हिंदू धर्म में गाय  के गोबर से नाग की आकृति बनाना एक प्राचीन काल से चली आ रही परंपरा है। नाग पंचमी के दिन घरों के मुख्य द्वार पर गाय के गोबर से नाग की आकृति बनाई जाती है। सनातन धर्म में नाग देवता को जल और अन्न का देवता माना जाता है। गोबर से बने नाग की आकृति से नाग देवता की पूजा की जाती है और उनसे वर्षा और समृद्धि की कामना की जाती है। 

नाग देवता भगवान शिव के गले में रहते हैं। गोबर से बनी सांप की आकृति से शिव और पार्वती की पूजा भी की जाती है। जिससे घर परिवार में खुशियों का आगमन होता है। साथ ही सकारात्मक ऊर्जा का भी संचार होता है। ऐसा माना जाता है कि गोबर से बनी सांप की आकृति घर में शुभता लेकर आता है। इस बनाने से घर में कभी नाग भय नहीं रहता है।
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नाग देवता को धन-धान्य का देवता भी माना जाता है। मुख्य द्वार पर सांप की आकृति बनाने से घर में समृद्धि आती है, ऐसा माना जाता है। इतना ही नहीं, मुख्य द्वार पर सांप की आकृति बनाने से घर में प्रवेश करने वाले सभी लोगों पर नाग देवता की कृपा बनी रहती है, ऐसा माना जाता है। साथ ही मुख्य द्वार पर सांप की आकृति बनाने से भगवान शिव की कृपा भी बनी रहती है।

कब मनाई जाएगी नाग पंचमी?

नाग पंचमी 09 अगस्त को मनाई जा रही है। पूजा के लिए शुभ समय सायं 05: 47 मिनट से लेकर 08:27 मिनट तक है। वहीं पूजा का दोपहर का शुभ मुहूर्त दोपहर 12:13 मिनट से लेकर 1:00 बजे तक का रहेगा। प्रदोष काल में भी पूजा का शुभ महूर्त:   सायं 06:33 मिनट से रात को 08:20 मिनट तक रहेगा।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। इस लेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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