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Makar Sankranti 2024: मकर संक्रांति पर क्या है स्नान और दान का महत्व?

Mon, 15 Jan 2024 09:51 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Makar Sankranti 2024: मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव की आराधना करने से जातक के सभी कष्ट दूर होते हैं और घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। इस दिन से सूर्य की उत्तरायण गति आरंभ होती है और इसी कारण इसको उत्तरायणी भी कहते हैं।
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मकर संक्रांति पर स्नान और दान का महत्व - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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Makar Sankranti 2024: ग्रहों के राजा सूर्य देव जब मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तब मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है। यह हिन्दू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है। इस दिन सूर्य देव की पूजा-उपासना की जाती है। मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव की आराधना करने से जातक के सभी कष्ट दूर होते हैं और घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। इस दिन से सूर्य की उत्तरायण गति आरंभ होती है और इसी कारण इसको उत्तरायणी भी कहते हैं। मकर संक्रांति के दिन से ही खरमास का भी समापन हो जाता है और शादी-विवाह जैसे शुभ और मांगलिक कार्यों पर लगी रोक हट जाती है। 
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अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को मनाया जाता है। पर कभी-कभी यह त्योहार 15 जनवरी को भी हो जाता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि सूर्य देव को धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश कर रहे हैं। इस वर्ष 15 जनवरी को मकर संक्रांति मनाई जा रही है। 

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मकर संक्रांति तिथि और शुभ मुहूर्त
ज्योतिष गणनाओं के अनुसार इस साल पंद्रह जनवरी को सूर्य देव प्रातः 02 बजकर 54 मिनट पर धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे, इसलिए 15 जनवरी को मकर संक्रांति मनाई जाएगी। इस अवसर पर शुभ मुहूर्त इस प्रकार रहेगा।
  • मकर संक्रांति पुण्यकाल - प्रातः 07:15 मिनट से सायं 06: 21 मिनट तक
  • मकर संक्रांति महा पुण्यकाल- प्रातः  07:15 मिनट से प्रातः 09: 06 मिनट तक
मकर संक्रांति पर स्नान और दान का महत्व
मकर संक्रांति के अवसर पर किसी पवित्र नदी में स्नान और दान करने की परंपरा है। इस दिन गंगा नदी में स्नान के बाद दान करने से साधक के लोक और परलोक दोनों सुधर जाते हैं। साथ ही पिछले जन्म के बुरे कर्मों से निजात मिलती है और जीवन सुखमय होता है। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान करने से 10 अश्वमेध यज्ञ और 1000 गाय दान करने के समान पुण्य फल मिलता है। 

शुभ होता है इन चीजों का दान   
मकर संक्रांति के दिन शुभ मुहूर्त में स्नान के बाद जूते, अन्न, तिल, गुड़, गरम वस्त्र, कंबल दान करने से शनि और सूर्य देव की कृपा प्राप्त होती है। इस दिन सबसे पहले गंगा या फिर किसी पवित्र नदी में स्नान करें। यदि आप गंगा स्नान नहीं कर पा रहे हैं तो घर पर ही नहाने के पानी में तिल और गंगाजल मिलाकर स्नान करें। इसके बाद दान करें। इससे ग्रह-दोष दूर होते हैं।
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इस तरह दें सूर्य को अर्घ्य
मकर संक्रांति पर स्नान के बाद काला तिल, गुड़, लाल चंदन, लाल फूल, अक्षत मिश्रित जल से सूर्य को नमस्कार कर जल अर्पित करें। साथ ही सूर्य देव के मंत्रों का जाप करें।
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