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Mahashivratri 2025: महाशिवरात्रि पर भगवान शिव को करना है प्रसन्न, करें षडाक्षर स्तोत्र का पाठ

Wed, 19 Feb 2025 04:22 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Shiva Shadakshar Stotra In Hindi: महाशिवरात्रि के अवसर पर भगवान शिव की पूजा और अर्चना का विशेष महत्व है। रात के समय महादेव की पूजा में विशेष मंत्रों का जाप किया जाता है, जिससे भोलेनाथ को प्रसन्न किया जा सके।
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शिव षडाक्षर स्तोत्र - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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Mahashivratri Shiva Shadakshar Stotra Lyrics: भगवान शिव सृष्टि के संहारक होने के साथ-साथ भोलेनाथ भी हैं। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना का महत्व बताया गया है। यह पूजा रात के चार प्रहरों में की जाती है, जिसमें विधिपूर्वक भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया जाता है। महादेव की पूजा में कई मंत्रों का उच्चारण किया जाता है।

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मान्यता है कि महाशिवरात्रि पर यदि भगवान शिव की सही विधि से उपासना की जाए, तो जीवन के सभी कष्ट दूर हो सकते हैं और साधकों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस दिन सभी दुखों से मुक्ति मिलती है। महाशिवरात्रि के अवसर पर यदि शिव षडाक्षर स्तोत्र का पाठ किया जाए, तो साधक महादेव की विशेष कृपा प्राप्त कर सकते हैं। भगवान शिव को समर्पित शिव षडाक्षरस्तोत्र इस प्रकार है।

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शिव षडाक्षर स्तोत्र - फोटो : adobe stock
महाशिवरात्रि 2025 कब है?
इस वर्ष महाशिवरात्रि का पर्व 26 फरवरी, बुधवार को मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार, फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी तिथि 26 फरवरी को सुबह 11:08 बजे शुरू होकर 27 फरवरी को सुबह 08:54 बजे तक रहेगी। व्रत और पूजा 26 फरवरी को उदयातिथि के अनुसार की जाएगी।

शिव षडाक्षर स्तोत्र - फोटो : freepik
महाशिवरात्रि 2025 पूजा का शुभ मुहूर्त
महाशिवरात्रि पर निशिता काल में पूजा का विशेष महत्व होता है। इस वर्ष निशिता पूजा का शुभ समय देर रात 12:09 बजे से 12:59 बजे तक रहेगा। यह समय तंत्र, मंत्र और सिद्धि के दृष्टिकोण से अत्यंत शुभ माना जाता है।

शिव षडाक्षर स्तोत्र - फोटो : freepik
रात्रि के चार प्रहर में पूजा का समय
महाशिवरात्रि के दिन चार प्रहर की पूजा की जाती है। 
रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय - शाम 06:19 बजे से रात 09:26 बजे तक
रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय - रात 09:26 बजे से देर रात 12:34 बजे तक, फरवरी 27
रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय - देर रात 12:34 बजे से 03:41 बजे तक, फरवरी 27
रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय - मध्य रात्रि 03:41 बजे से सुबह 06:48 बजे तब, फरवरी 27
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शिव षडाक्षर स्तोत्र - फोटो : इंस्टाग्राम
श्रीशिवषडाक्षरस्तोत्रम्

ॐकारं बिन्दुसंयुक्तं नित्यं ध्यानन्ति योगिनः।
कामदं मोक्षदं चैव ॐकाराय नमो नमः॥ ॥

नमंति ऋषयो देवा नामन्त्यपसरसां गणः।
नरा नमंति देवेशं निश्चयाय नमो नमः॥ 2॥

महादेवं महतनं महाध्यानं परायणम्।
महापापहरं देवं मकराय नमो नमः॥ 3॥

शिवं शांतं जगन्नाथं लोकानुग्रहकारकम्।
शिवमेकपदं नित्यं शिकाराय नमो नमः॥ 4॥

वाहनं वृषभो यस्य वासुकिः कंठभूषणम्।
वामे शक्तिधरं वेदं वक्राय नमो नमः॥ 5॥ वर. देवं

यत्र यत्र स्थितो देवः सर्वबन्ध महेश्वरः।
यो गुरुः सर्वदेवानां यकाराय नमो नमः ॥ 6॥

षडक्षरमिदं स्तोत्रं यः पथेच्छिवसंनिधौ।
शिवलोकमाप्नोति शिवेन सह मोदते ॥ 7॥

॥ इति श्री रुद्रायामले उमामहेश्वरसंवादे षडक्षरस्तोत्रं संपूर्णम् ॥
 
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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