महाशिवरात्रि 2022: इस बार महाशिवरात्रि 2 विशेष योग में मनाई जाएगी।
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इन खास संयोग में मनाई जाएगी महाशिवरात्रि
इस बार महाशिवरात्रि 2 विशेष योग में मनाई जाएगी। महाशिवरात्रि पर इस साल धनिष्ठा नक्षत्र में परिध योग रहेगा। धनिष्ठा के बाद शतभिषा नक्षत्र रहेगा। जबकि परिध योग के बाद शिव योग लगेगा। ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार परिध योग में शिव आरधना करने से शत्रुओं पर विजय हासिल करने में सफलता हासिल होती है। शिव योग में भगवान शिव की आरधना करने से समाज में मान सम्मान प्राप्त होता है। इसके अलावा महाशिवरात्रि पर ग्रहों का भी खास संयोग बन रहा है। मकर राशि के 12वें भाव में पंचग्रही योग बनेगा। इस राशि में शनि और मंगल के साथ चंद्र, बुध और शुक्र भी रहेंगे।
महाशिवरात्रि 2022: शिव पुराण का पाठ करने से नि:संतान दंपति को संतान की प्राप्ति होती है।
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महाशिवरात्रि 2022: शिव पुराण का वाचन करने वाले व्यक्ति को ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।
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शिव पुराण का पाठ करते समय बरतें सावधानियां
महाशिवरात्रि पर शिवपुराण का पाठ लाभ जरूर देते हैं लेकिन इसके पाठ के दौरान कुछ सावधानियां बरतनी आवश्यक है, अन्यथा इसका विपरीत प्रभाव पड़ता है।
- शिव पुराण को पढ़ने या सुनने से पहले तन और मन को शुद्ध करें तथा साफ तथा स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- शिव पुराण का पाठ सुनने या पढ़ने से पहले जातक के मन में किसी के भी प्रति द्वेष भाव नहीं होना चाहिए।
- शिव पुराण का पाठ करने वाले व्यक्ति को निंदा और चुगली नहीं करनी चाहिए अन्यथा पुण्य की प्राप्ति नहीं होती है।
- शिव पुराण का वाचन करने वाले व्यक्ति को ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।
- शिव पुराण के पाठ के संकल्प के बाद तामसिक भोजन ग्रहण नहीं करना चाहिए, सात्विक भोजन अपनाना चाहिए।