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Lohri 2025: लोहड़ी पूजा विधि और अग्नि में समर्पित की जाने वाली चीजों का महत्व

Sun, 12 Jan 2025 10:01 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Lohri 2025: लोहड़ी मकर संक्रांति से एक दिन पहले मनाया जाता है और फसल कटाई के बाद नई फसल के आगमन का प्रतीक होता है।
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Lohri Puja 2025: लोहड़ी को न्याय और परोपकार का पर्व भी माना जाता है। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Lohri Puja 2025: लोहड़ी का पर्व उत्तरी भारत, विशेष रूप से पंजाब और हरियाणा में हर्षोल्लास से मनाया जाता है। यह पर्व मकर संक्रांति से एक दिन पहले मनाया जाता है और फसल कटाई के बाद नई फसल के आगमन का प्रतीक होता है। लोहड़ी पर्व सामाजिक एकता और पारिवारिक सामंजस्य का प्रतीक है। इस दिन लोग नाच-गाने और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से जीवन की खुशियों को साझा करते हैं। लोहड़ी का पर्व न केवल कृषि और प्रकृति से जुड़ा है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, परंपरा और सामूहिकता का भी प्रतीक है। इस पर्व के माध्यम से हम अपने समाज में प्रेम, भाईचारा और समृद्धि का संदेश फैलाते हैं।

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लोहड़ी पर्व का महत्व
लोहड़ी का पर्व नई फसल की खुशी में मनाया जाता है। इसे किसानों का पर्व भी कहा जाता है, क्योंकि इस समय रबी की फसल तैयार होती है। यह दिन सूर्यदेव और अग्नि देव को समर्पित होता है। इसके साथ ही यह पर्व सर्दियों के समापन और बसंत ऋतु के आगमन का संकेत भी देता है। धार्मिक दृष्टि से, यह दिन धन, समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। लोहड़ी से जुड़ी एक अन्य कहानी दुल्ला भट्टी की है, जो मुगल काल के दौरान गरीब लड़कियों की मदद करता था और उनके विवाह की व्यवस्था करता था। इस कारण से लोहड़ी को न्याय और परोपकार का पर्व भी माना जाता है।

लोहड़ी पूजा विधि
लोहड़ी के दिन शाम को घर के बाहर या किसी खुले स्थान पर लकड़ियों का ढेर लगाकर अग्नि प्रज्वलित की जाती है। अग्नि के चारों ओर परिवार और मित्रों के साथ बैठकर पूजा की जाती है।
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अग्नि प्रज्वलन: सबसे पहले लकड़ियों, उपले, और सूखे पत्तों से अग्नि जलाई जाती है।
अग्नि की परिक्रमा: परिवार के सभी सदस्य अग्नि के चारों ओर परिक्रमा करते हैं।
भोग समर्पण: अग्नि में तिल, गुड़, गजक, मूंगफली, रेवड़ी और मकई के दाने चढ़ाए जाते हैं।
मंत्रोच्चारण: इस दौरान सूर्य देव और अग्नि देव की स्तुति की जाती है।

लोहड़ी की अग्नि में समर्पित चीजों का महत्व

तिल: तिल को शुद्धता और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। इसे चढ़ाने से व्यक्ति के पाप नष्ट होते हैं।
गुड़: गुड़ मिठास और समृद्धि का प्रतीक है। इसे अग्नि में अर्पित करने से जीवन में मिठास और खुशहाली आती है।
रेवड़ी और गजक : ये चीजें सामाजिक एकता और मेल-जोल का प्रतीक हैं। इन्हें बांटने से रिश्तों में प्रेम बढ़ता है।
मूंगफली और मकई के दाने: ये नई फसल की खुशबू का प्रतीक हैं। इन्हें अर्पित कर फसल की समृद्धि के लिए प्रार्थना की जाती है।

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