आज कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को दीपावली का पा वन पर्व मनाया जा रहा है। दिवाली की रात जहां एक तरफ महालक्ष्मी का पूजन होता है, चारों तरफ उनके स्वागत के लिए दीप प्रज्जवलित होते हैं, वहीं दूसरी तरफ यह रात यौगिक साधनाओं और उनकी सिद्धि के लिए बहुत उपयुक्त होती है। आइए जानते हैं कि दीपों के महापर्व पर आपके लिए मां लक्ष्मी के किस स्वरूप का पूजन करना अति शुभ और लाभदायक साबित होगा।
मेष एवं वृश्चिक राशि -
मेष एवं वृश्चिक राशि का स्वामी मंगल है, अत: इन राशि के जातकों के लिए महालक्ष्मी के भगवती भुवनेश्वरी स्वरूप का पूजन करना अधिक शुभ है। इस दिन मां लक्ष्मी का पूजन गुलाब और कनेर के पुष्पों से करना चाहिए। साथ ही माता को बेसन एवं गुड़ से निर्मित मिष्ठान का भोग लगाएं।
वृषभ एवं तुला -
वृषभ एवं तुला राशि के स्वामी शुक्र हैं। इन राशि के व्यक्तियों के लिए मां लक्ष्मी के मातंगी स्वरूप का पूजन करें और श्वेत पुष्प व केवड़ा के जल से मां लक्ष्मी का पूजन करें व भाग्य-वृद्धि यंत्र स्थापित करें।
मिथुन एवं कन्या -
इन राशियों के स्वामी बुध हैं। इन राशि के जातकों के लिए त्रिपुर भैरवी की अराधना लाभप्रद है। इस राशि के जातक इस सिद्धि यंत्र की स्थापना करें और गुलाब जल एवं केवड़े के जल से मां लक्ष्मी का पूजन करें।
कर्क राशि -
कर्क राशि के स्वामी चन्द्रमा हैं। इस राशि के जातक मां दुर्गा की पूजा करना शुभकारी होगा। आज दीपावली के दिन माता का दोष निवारण यंत्र की स्थापना करें। इस दिन इस राशि के जातक यदि मां लक्ष्मी को खीर अर्पित करतें हैं, तो उनके समस्त दोष दूर होते हैं और मनोकामनां पूर्ण होती हैं।
सिंह राशि -
सिंह राशि का स्वामी सूर्य है, इस राशि के जातक भवति षोडशी की उपासना करें। आज दीपावली के दिन महालक्ष्मी के सिद्धियंत्र की स्थापना करें। इस दिन मां को गुलाब और कमल का पुष्प अर्पित करें।
धनु एवं मीन राशि -
इन दोनों राशियों के स्वामी बृहस्पति हैं। इस राशि के जातक बगलामुखी माता की आराधना करें। इस राशि के जातक गुरुयंत्र की स्थापना करें तथा मोगरा के पुष्पों से महालक्ष्मी जी का पूजन करें। आज के दिन माता को हल्दी-चावल एवं केसर से निर्मित मिष्ठान अर्पित करना न भूलें।
मकर एवं कुम्भ -
इन राशियों के स्वामी शनि हैं। यह जातक मां भगवती के काली के रूप का पूजन करें और बीसा यंत्र स्थापित करें। महालक्ष्मी जी को मोगरा पुष्प अर्पित करें तथा माता को बादाम से निर्मित मिष्ठान का भोग लगाएं।